February 10, 2026

विधान परिषद में विपक्ष का जोरदार हंगामा, सभापति ने राबड़ी देवी समेत पूरे विपक्ष को निकाला बाहर

पटना। बिहार विधान परिषद में सोमवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लगातार नारेबाजी और कार्यवाही में बाधा के चलते सभापति ने कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष के सभी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर निकालने का आदेश दे दिया। इस कार्रवाई के तहत राष्ट्रीय जनता दल की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी समेत पूरे विपक्ष को सदन से बाहर जाना पड़ा। सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह तनावपूर्ण माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य अपनी मांगों को लेकर हंगामा करने लगे। सभापति ने बार-बार सदस्यों से अपील की कि प्रश्नकाल को बाधित न किया जाए और सदन की मर्यादा बनाए रखी जाए, लेकिन विपक्षी सदस्य नहीं माने। वे नारे लगाते हुए सदन के बीचोंबीच स्थित बेल तक पहुंच गए और वहीं डटे रहे। राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे, जिससे सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई। स्थिति लगातार बिगड़ती देख सभापति ने सख्त रुख अपनाया और नियमों का हवाला देते हुए विपक्षी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से निष्कासित करने का आदेश सुना दिया। आदेश के बाद विपक्षी सदस्यों को मार्शलों की मदद से सदन से बाहर ले जाया गया। इस दौरान राबड़ी देवी भी अन्य सदस्यों के साथ सदन से बाहर निकल गईं। हालांकि सदन से बाहर जाने के बाद भी विपक्ष का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। इसी बीच सदन के भीतर उस समय माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया, जब राष्ट्रीय जनता दल के सदस्यों और सरकार की ओर से मौजूद मंत्री अशोक चौधरी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक इतनी बढ़ गई कि बात व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई। बताया जाता है कि इस दौरान अशोक चौधरी गुस्से में नजर आए और उन्होंने इशारों में कड़ी प्रतिक्रिया दी। विपक्षी सदस्य भी आक्रोशित दिखाई दिए और जवाबी नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सदन में मार्शलों को बुलाना पड़ा। मार्शलों ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की। इसी दौरान राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य सुनील सिंह और मंत्री अशोक चौधरी के बीच भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली। आरोप है कि मंत्री अशोक चौधरी ने सुनील सिंह से तीखे शब्दों में सवाल किया, जिस पर सुनील सिंह ने भी पलटकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। इस बहस के दौरान सदन में शोर-शराबा और तनाव का माहौल और अधिक बढ़ गया। मार्शलों ने विपक्षी सदस्यों को सदन से हटाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान कई बार माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। सभापति ने स्पष्ट निर्देश दिया कि हंगामा कर रहे सदस्यों को नियमों के तहत बाहर ले जाया जाए, ताकि सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जा सके। काफी प्रयासों के बाद सदन के भीतर स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सका। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक टकराव साफ नजर आया। सत्ता पक्ष का कहना था कि विपक्ष जानबूझकर प्रश्नकाल को बाधित कर रहा है और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। वहीं विपक्ष का आरोप था कि सरकार उनके मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, इसी कारण उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। विधान परिषद की इस घटना ने एक बार फिर सदन की कार्यवाही और राजनीतिक शिष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष के निष्कासन के बाद सदन की कार्यवाही आगे तो बढ़ी, लेकिन दिन भर इस हंगामे की चर्चा राजनीतिक गलियारों में होती रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के टकराव से न केवल सदन की छवि प्रभावित होती है, बल्कि जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा भी बाधित होती है।

You may have missed