February 11, 2026

विधानसभा में बढ़ते रेप के खिलाफ हंगामा: विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को राज्य में बढ़ती बलात्कार की घटनाओं को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विधानसभा परिसर से लेकर सदन के भीतर तक नारेबाजी होती रही। विपक्ष का आरोप था कि बिहार में कानून-व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, जबकि सरकार गंभीर मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
सदन से पहले विधानसभा गेट पर प्रदर्शन
कार्यवाही शुरू होने से पहले राष्ट्रीय जनता दल के विधायक विधानसभा के मुख्य गेट पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हाथों में पोस्टर लिए विपक्षी विधायक राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते नजर आए। नारे लगाए गए कि बिहार में बेटियों की सुरक्षा खतरे में है और इसके लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि बार-बार घटनाएं सामने आने के बावजूद सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही है।
सदन के अंदर भी जारी रहा विरोध
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री और कई मंत्री सदन में मौजूद थे। विपक्ष दरभंगा और पटना में नीट की छात्रा से जुड़े कथित दुष्कर्म मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगता रहा। शोर-शराबे के कारण प्रश्नकाल सुचारू रूप से नहीं चल सका।
अध्यक्ष की अपील और मार्शलों की कार्रवाई
हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने मार्शलों को बुलाकर विपक्षी विधायकों के हाथों में मौजूद पोस्टर हटवाए। अध्यक्ष ने कहा कि सदन चर्चा और समाधान के लिए है, न कि नारेबाजी के लिए। हालांकि उनकी अपील के बावजूद विपक्षी विधायक कुछ देर तक वेल में डटे रहे।
विपक्ष का वॉकआउट
लगातार हंगामे के बीच विपक्षी विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। बाहर निकलते समय भी नारेबाजी जारी रही। विपक्ष का कहना था कि सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है, इसलिए वॉकआउट के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा था। कुछ समय बाद अध्यक्ष की अपील पर विपक्ष के कुछ विधायक वापस सदन में लौटे, लेकिन माहौल पूरी तरह शांत नहीं हो सका।
सरकार की प्रतिक्रिया
विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट पर संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल हल्ला बोलने में रुचि रखता है और सरकार की बात सुनना उसके बस की बात नहीं है। मंत्री का आरोप था कि विपक्ष खुद उलझन की स्थिति में है और इसी कारण इस तरह का व्यवहार कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है और हर घटना पर कार्रवाई हो रही है।
राजद का कहना, मामला बेहद गंभीर
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध का मुद्दा बेहद गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनका कहना था कि सरकार को राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
कांग्रेस का अलग अंदाज में विरोध
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने भी जोरदार प्रदर्शन किया। वे पुतला लेकर सदन परिसर पहुंचे, जिसे चूड़ियां पहनाई गई थीं। कांग्रेस विधायकों ने इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि राज्य की विधि-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उनका कहना था कि सरकार अपराध नियंत्रण में विफल साबित हो रही है।
कांग्रेस के आरोप और चेतावनी
कांग्रेस विधायकों ने दावा किया कि वे लगातार सदन के अंदर सरकार को हालात से अवगत करा रहे हैं, लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा। उन्होंने कहा कि बिहार में नीट छात्रा हत्याकांड जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद सरकार केवल लीपापोती कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
सदन की गरिमा और सियासी टकराव
मंगलवार का दिन विधानसभा में सियासी टकराव के नाम रहा। एक ओर विपक्ष महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरता रहा, तो दूसरी ओर सरकार ने विपक्ष पर मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। हंगामे और वॉकआउट के बीच सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई, जिससे विधायी कामकाज प्रभावित हुआ।
आगे की राजनीति पर नजर
इस हंगामे ने साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था आने वाले दिनों में भी बड़ा मुद्दा बनी रहेगी। बजट सत्र के दौरान विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने के मूड में है, वहीं सरकार का दावा है कि वह अपराध नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध है। अब देखना होगा कि आने वाले सत्रों में यह टकराव किस दिशा में जाता है और क्या इससे जमीन पर कोई ठोस बदलाव देखने को मिलता है।

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