February 11, 2026

होली में प्रवासियों का बिहार आना होगा आसान:1 से 22 मार्च तक चलेंगी 1410 स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत

पटना। होली के मौके पर घर लौटने वाले लाखों प्रवासी यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी राहत की घोषणा की है। त्योहार के दौरान ट्रेनों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने एक मार्च से बाईस मार्च के बीच देशभर में कुल 1410 होली विशेष रेलगाड़ियों के परिचालन का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस बार विशेष रूप से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई है। पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र से अकेले 285 होली विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि ये ट्रेनें बिहार के प्रमुख स्टेशनों को देश के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ेंगी, जिससे त्योहार के समय यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा और भीड़भाड़ से काफी हद तक राहत मिल सकेगी। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ये विशेष रेलगाड़ियां बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों को आपस में जोड़ेंगी। प्रमुख सेवाओं में सोगरिया से दानापुर के बीच चलने वाली विशेष ट्रेनें 28 फरवरी और 7 मार्च को संचालित होंगी, जबकि रानीकमलापति से दानापुर के बीच विशेष ट्रेनें 27 फरवरी और 2 मार्च को चलाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त रानीकमलापति से अगरतला तथा हापा से नाहरलगुन के बीच भी विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन किया जाएगा। ये सभी ट्रेनें बिहार के अहम मार्गों से होकर गुजरेंगी, जिनमें दानापुर, पाटलिपुत्र, हाजीपुर और बरौनी जैसे प्रमुख स्टेशन क्षेत्र शामिल हैं। हर साल होली के आसपास ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखी जाती है, खासकर महानगरों में काम करने वाले बिहार और पूर्वांचल के प्रवासी बड़ी संख्या में अपने घर लौटते हैं। ऐसे में सामान्य ट्रेनों में सीट मिलना मुश्किल हो जाता है और कई यात्रियों को मजबूरी में खड़े होकर या सामान्य डिब्बों में सफर करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे ने इस बार पहले से व्यापक तैयारी की है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। इसके लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर 139 के अलावा राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली के वेब पोर्टल के माध्यम से भी अद्यतन जानकारी ली जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि विशेष ट्रेनों के समय और मार्ग में जरूरत के अनुसार बदलाव भी किए जा सकते हैं, ताकि किसी एक रूट पर अत्यधिक दबाव न पड़े। पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए जाएंगे और प्रमुख जंक्शनों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही, साफ-सफाई, पेयजल और यात्री सहायता केंद्रों को भी मजबूत किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया गया है, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके। यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने रेलवे के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ने से टिकटों की उपलब्धता में सुधार होगा और त्योहार के समय होने वाली मारामारी में कमी आएगी। खासकर बिहार आने वाले प्रवासियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि होली के दौरान परिवार के साथ समय बिताने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने गांव और शहर लौटते हैं। रेलवे की इस पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि होली के दौरान यात्रा अपेक्षाकृत सुगम होगी और यात्रियों को कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है। यदि संचालन योजना के अनुसार रहा, तो इस बार होली पर घर लौटने का सफर लाखों लोगों के लिए पहले से कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो सकता है।

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