पटना में बड़ा हादसा, चलती कार में लगी आग, बाल-बाल बचे यात्री, शॉर्ट लगने से आग की आशंका
पटना। पटना में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब शास्त्रीनगर इलाके के बेली रोड फ्लाईओवर पर चलती कार में अचानक आग लग गई। इस घटना से कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि समय रहते कार सवारों की सूझबूझ और प्रशासन की तत्परता से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगने की इस घटना में कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जबकि उसमें सवार यात्री बाल-बाल बच गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूपसपुर की ओर से उत्तर प्रदेश नंबर की एक हैरियर सीएनजी कार लगभग सत्तर किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बेली रोड फ्लाईओवर पर आ रही थी। फ्लाईओवर से नीचे उतरने से ठीक पहले होटल एवीआर के पास अचानक कार से धुआं निकलने लगा। शुरुआत में करीब सौ मीटर तक गाड़ी से धुआं उठता रहा। जब कार के भीतर बैठे लोगों को जलने की बदबू महसूस हुई, तो उन्होंने तुरंत सड़क किनारे वाहन रोक दिया और बाहर उतरकर स्थिति देखने लगे। इसी दौरान इंजन की ओर से आग की लपटें उठने लगीं, जो देखते ही देखते पूरी गाड़ी में फैल गईं। कार में संपीडित प्राकृतिक गैस यानी सीएनजी सिलेंडर लगा होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई। संभावित विस्फोट के खतरे को देखते हुए कार सवार तुरंत गाड़ी छोड़कर सुरक्षित दूरी पर चले गए। मौके पर मौजूद लोगों में भी घबराहट फैल गई और यातायात कुछ देर के लिए बाधित हो गया। इसी बीच संयोगवश अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विधि एवं व्यवस्था, कृष्ण मुरारी प्रसाद उस मार्ग से गुजर रहे थे। उन्होंने जलती हुई कार और लोगों की भीड़ देखकर तुरंत अपनी गाड़ी रोकी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने आसपास मौजूद लोगों को सतर्क किया और पुलिस वायरलेस के माध्यम से तुरंत सूचना प्रसारित की। उनके संदेश के बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ी और स्थानीय थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने करीब पैंतालीस मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान आग इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी यात्री बाहर निकल चुके थे, जिससे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग बुझने के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया। पुलिस फिलहाल वाहन के मालिक के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाया है, लेकिन प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर वाहन सुरक्षा और नियमित जांच की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि खासकर गैस चालित वाहनों में समय-समय पर वायरिंग, इंजन और गैस किट की जांच बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर कार सवार कुछ मिनट और गाड़ी में बैठे रहते, तो स्थिति कहीं ज्यादा भयावह हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस और अग्निशमन विभाग की सराहना की है। साथ ही प्रशासन से मांग की है कि व्यस्त इलाकों और फ्लाईओवरों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और तकनीकी टीम की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग वास्तव में किस वजह से लगी। यह हादसा भले ही किसी बड़े नुकसान के बिना टल गया हो, लेकिन यह सभी वाहन चालकों के लिए एक चेतावनी है कि वाहन चलाने से पहले उसकी तकनीकी स्थिति की जांच करना और किसी भी असामान्य संकेत को नजरअंदाज न करना कितना जरूरी है।


