February 11, 2026

पटना में अश्लील गाना बजाने पर होगा एक्शन, आदेश नहीं मानने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर

पटना। पटना समेत पूरे बिहार में सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गाने बजाने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि डीजे, बस, ट्रक, ऑटो रिक्शा या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर यदि इस तरह के गाने बजाए गए, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जेल भी भेजा जा सकता है। यह निर्देश बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जारी किया है। राजधानी पटना में इस आदेश के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर फैल रही फूहड़ता पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। सरकार का कहना है कि यह फैसला समाज में बढ़ती अश्लीलता को रोकने, महिलाओं की गरिमा की रक्षा करने और बच्चों को गलत प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दोहरे अर्थ वाले भोजपुरी, मगही, मैथिली या अन्य भाषाओं के गाने यदि खुलेआम बजाए जाते हैं, तो यह न केवल कानून व्यवस्था की समस्या पैदा करते हैं, बल्कि सामाजिक माहौल को भी दूषित करते हैं। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए और नियम तोड़ने वालों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकारी बयान के अनुसार, हाल के दिनों में यह शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं कि शादी-विवाह, जुलूस, धार्मिक आयोजनों और यहां तक कि सार्वजनिक परिवहन के साधनों में भी अश्लील और आपत्तिजनक गाने तेज आवाज में बजाए जा रहे हैं। इससे राहगीरों, महिलाओं और बच्चों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। कई बार इसका विरोध करने पर विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि सार्वजनिक तौर पर बजने वाले अश्लील गानों से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनकी मानसिकता पर इसका गलत असर पड़ता है और वे कम उम्र में ही ऐसी भाषा और व्यवहार को सामान्य मानने लगते हैं। इसके अलावा ऐसे गाने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर भी सीधा आघात करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में स्वस्थ माहौल बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए कठोर निर्णय लेना जरूरी हो गया था। पुलिस मुख्यालय को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर डीजे संचालकों, वाहन चालकों और आयोजकों को पहले जागरूक किया जाए, लेकिन इसके बावजूद यदि कोई आदेश की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर ध्वनि यंत्र जब्त करने और आयोजनों को तत्काल बंद कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। पटना पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। विशेष टीमों को तैनात किया जाएगा, जो डीजे और सार्वजनिक वाहनों पर बज रहे गानों पर नजर रखेंगी। किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का यह भी कहना है कि आम लोग यदि कहीं अश्लील गाने बजते देखें, तो स्थानीय थाने या कंट्रोल रूम को सूचना दे सकते हैं। सरकार के इस फैसले का सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से सार्वजनिक स्थानों पर फूहड़ गानों की समस्या बनी हुई थी, जिससे खासकर महिलाओं और किशोरियों को असहजता झेलनी पड़ती थी। अब सख्ती से कानून लागू होने पर स्थिति में सुधार की उम्मीद है। हालांकि कुछ डीजे संचालकों और वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें पहले से स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाने चाहिए, ताकि अनजाने में कोई नियम उल्लंघन न हो। प्रशासन की ओर से भी यह कहा गया है कि जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को नियमों की जानकारी दी जाएगी, लेकिन इसके बाद बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। बिहार सरकार का यह कदम सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विशेष अभियान कितनी प्रभावी तरीके से लागू होता है और क्या वास्तव में सड़कों व सार्वजनिक स्थलों से अश्लील गानों का शोर कम हो पाता है या नहीं। फिलहाल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस मामले में अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और कानून तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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