पटना से गया जाना होगा मुश्किल, 45 दिनों तक मेगा ब्लॉक की घोषणा, कई ट्रेनों का परिचालन बंद
पटना। पटना और गया के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों को आने वाले डेढ़ महीने तक कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने गया जंक्शन पर री-मॉडलिंग और विकास कार्यों को पूरा करने के लिए 45 दिनों का मेगा ब्लॉक घोषित किया है। यह ब्लॉक 5 फरवरी से शुरू होकर 21 मार्च तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान कई ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा, जबकि कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा। रेलवे के इस फैसले से खास तौर पर दैनिक यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
गया जंक्शन पर विकास कार्य की तैयारी
रेलवे प्रशासन गया जंक्शन को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए बड़े स्तर पर निर्माण और सुधार कार्य शुरू करने जा रहा है। इसी क्रम में प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन पर कार्य किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्मों पर आवश्यक संरचनात्मक बदलाव, ट्रैक सुधार और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जाएगा। सुरक्षा और सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए इस अवधि में ट्रेनों का संचालन सीमित किया गया है।
कई ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद
मेगा ब्लॉक के कारण पटना–गया–पटना पैसेंजर ट्रेन को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। ट्रेन संख्या 53213 और 53214 का परिचालन 5 फरवरी से 21 मार्च तक बंद रहेगा। यह ट्रेन दैनिक यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके बंद होने से हजारों यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ेगी। खासकर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को इससे ज्यादा परेशानी होने की आशंका है।
महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का बदलेगा मार्ग
मेगा ब्लॉक के दौरान कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाने का निर्णय लिया गया है। पटना–भभुआ रोड इंटरसिटी, भभुआ रोड–पटना इंटरसिटी, बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस और गंगा–दामोदर एक्सप्रेस अब अपने नियमित मार्ग से नहीं चलेंगी। इन ट्रेनों को आरा, सासाराम, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, तिलैया, इस्लामपुर, फतुहा, पैमार और बंधुआ स्टेशनों के रास्ते संचालित किया जाएगा। रेलवे का कहना है कि यह व्यवस्था निर्माण कार्य के दौरान ट्रेनों के संचालन को बनाए रखने के लिए की गई है।
कुछ ट्रेनों का आंशिक समापन और प्रारंभ
रेलवे प्रशासन ने कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया है। आनंद विहार–गया गरीबरथ एक्सप्रेस और गया–आनंद विहार गरीबरथ एक्सप्रेस का संचालन आंशिक रूप से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से किया जाएगा। इसी तरह लखनऊ–गया और गया–लखनऊ एकात्मता एक्सप्रेस भी इसी स्टेशन से शुरू या समाप्त होगी। वहीं गया–कामाख्या और कामाख्या–गया एक्सप्रेस का संचालन मानपुर स्टेशन से निर्धारित समय के अनुसार किया जाएगा।
स्थानीय यात्रियों के लिए मेमू ट्रेनों में बदलाव
स्थानीय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना–गया और गया–पटना मेमू ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया गया है। इन ट्रेनों का आंशिक समापन और प्रारंभ चाकंद स्टेशन से किया जाएगा। रेलवे का मानना है कि इससे स्थानीय यात्रियों को कुछ हद तक राहत मिल सकेगी, हालांकि यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
दैनिक यात्रियों पर सबसे ज्यादा असर
पटना और गया के बीच बड़ी संख्या में लोग रोजाना यात्रा करते हैं। इनमें नौकरी करने वाले लोग, छात्र और छोटे व्यापारी शामिल हैं। पैसेंजर ट्रेन के बंद होने और एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग बदलने से इन यात्रियों को निजी वाहनों या बस सेवाओं पर निर्भर होना पड़ सकता है। इससे यात्रा खर्च बढ़ने और समय ज्यादा लगने की संभावना है। कई यात्रियों ने रेलवे से वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की है।
रेलवे प्रशासन की यात्रियों से अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति, मार्ग और समय-सारिणी की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी रेलवे स्टेशन से जानकारी लेने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सही जानकारी होने से यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।
भविष्य में यात्रियों को मिलेगा लाभ
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गया जंक्शन पर चल रहा पुनर्विकास कार्य भविष्य में यात्रियों के लिए काफी लाभकारी साबित होगा। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। प्लेटफॉर्म की क्षमता बढ़ने से ट्रेनों का संचालन भी अधिक सुचारू और सुरक्षित होगा। रेलवे का कहना है कि वर्तमान में होने वाली असुविधा अस्थायी है और इसका लाभ लंबे समय तक यात्रियों को मिलेगा।
यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा समय
फिलहाल 45 दिनों तक पटना और गया के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग परिवर्तन के कारण यात्रियों को अतिरिक्त योजना बनाकर यात्रा करनी होगी। रेलवे प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्था करने का प्रयास कर रहा है। यात्रियों से धैर्य और सहयोग की अपील की गई है ताकि विकास कार्य समय पर पूरा हो सके।


