बिहार में तेजी से फैल रहे जाली नोट, नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से हो रही तस्करी, अलर्ट जारी
पटना। नेपाल सीमा के जरिए बिहार में जाली भारतीय नोटों की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान में छपे सौ और दो सौ रुपये के नकली नोट बड़े पैमाने पर नेपाल के रास्ते बिहार के बाजारों में पहुंचाए जा रहे हैं। छोटे मूल्य के नोट होने के कारण इन्हें बाजार में आसानी से खपाया जा रहा है, जिससे आम लोगों और व्यापारियों के लिए इन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद बिहार पुलिस, एसटीएफ और सीमा सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हो गए हैं।
नेपाल सीमा से हो रही है नकली नोटों की सप्लाई
जांच एजेंसियों के अनुसार नकली नोटों की यह खेप पाकिस्तान से नेपाल पहुंचाई जाती है और वहां से एजेंटों के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश के तस्करों तक भेजी जाती है। इन नोटों की छपाई और गुणवत्ता इतनी बेहतर बताई जा रही है कि साधारण जांच में इन्हें असली नोटों से अलग करना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि तस्कर छोटे नोटों को बाजार में आसानी से चला देते हैं और लोगों को इसका पता भी नहीं चलता।
मोतिहारी में गिरफ्तारी से हुआ खुलासा
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब बिहार एसटीएफ ने 30 जनवरी को मोतिहारी जिले के हरैया थाना क्षेत्र में दो नेपाली तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नेपाल के बागमती प्रदेश निवासी तिलक बहादुर और बारा जिले के गमरगावा निवासी सरोज कुमार के रूप में हुई है। दोनों के पास से 18 हजार 500 रुपये के जाली भारतीय नोट बरामद किए गए थे। पूछताछ के दौरान दोनों ने नकली नोट तस्करी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी।
सीतामढ़ी और मधुबनी में भी तस्कर गिरफ्तार
नेपाली तस्करों से मिली जानकारी के बाद मोतिहारी पुलिस ने सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज इलाके में छापेमारी कर छह अन्य तस्करों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा मधुबनी जिले से भी एक तस्कर को पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कागज भी बरामद किए हैं। इससे यह संकेत मिला है कि तस्करी के साथ-साथ नकली नोट तैयार करने का काम भी स्थानीय स्तर पर किया जा रहा था।
हरलाखी में एसटीएफ और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई
इससे पहले 29 जनवरी को बिहार एसटीएफ और सीमा सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने मधुबनी जिले के हरलाखी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो स्थानीय तस्करों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश महतो और सिलकर पंडित के रूप में हुई। इनके पास से 34 हजार 600 रुपये के जाली भारतीय नोट बरामद किए गए थे। पुलिस ने बताया कि इनके पास से 200 रुपये के 173 नकली नोट मिले थे, जिनकी छपाई और गुणवत्ता इतनी बेहतर थी कि पहली नजर में पहचान पाना बेहद मुश्किल था।
नो मेन्स लैंड से भी मिली बड़ी खेप
मंगलवार को मधुबनी जिले के नो मेन्स लैंड क्षेत्र से भी बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद किए गए। सीमा सुरक्षा बल ने यहां से 14 लाख रुपये के जाली भारतीय नोट जब्त किए और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि नेपाल सीमा के आसपास नकली नोट तस्करी का नेटवर्क काफी सक्रिय है और बड़े पैमाने पर इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हुई सतर्क
नेपाल सीमा से लगातार नकली नोटों की तस्करी की घटनाओं के बाद बिहार एसटीएफ ने कई जिलों की पुलिस को अलर्ट जारी किया है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, दरभंगा और मधुबनी सहित सीमावर्ती जिलों में पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। तिरहुत रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक चंदन कुशवाहा ने भी वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर जिले की पुलिस को सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और खुफिया जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।
व्यापारियों और आम लोगों के लिए चुनौती
नकली नोटों की बढ़ती तस्करी से बाजार में व्यापारियों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। छोटे मूल्य के नोट होने के कारण दुकानदारों और ग्राहकों को इन्हें पहचानने में परेशानी होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नकली नोटों की पहचान के लिए लोगों को सतर्क रहने और नोटों के सुरक्षा फीचर्स पर ध्यान देने की जरूरत है।
तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस और एसटीएफ का कहना है कि गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नकली नोटों की छपाई कहां और किस स्तर पर हो रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के पीछे अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय हो सकते हैं। नेपाल सीमा से नकली नोटों की तस्करी की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। हालांकि लगातार कार्रवाई और सख्ती के जरिए इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी, ताकि नकली नोटों की तस्करी को पूरी तरह रोका जा सके।


