टीआरई-3 के शिक्षकों के लिए जल्द शुरू होगी ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया, शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में किया ऐलान
पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को शिक्षकों से जुड़ा एक अहम मुद्दा सदन में उठा, जिस पर नीतीश सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे टीआरई-3 के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है और तय समय पर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सदन में उठा शिक्षकों का सवाल
बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान माले विधायक संदीप सौरभ ने शिक्षकों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर सरकार से सवाल किया। उन्होंने विशेष रूप से टीआरई-3 के तहत बहाल शिक्षकों की स्थिति का जिक्र करते हुए पूछा कि उनके स्थानांतरण को लेकर सरकार की क्या योजना है। सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन को संबोधित करते हुए सरकार की मंशा साफ की।
टीआरई-3 शिक्षकों के लिए क्या बोले मंत्री
शिक्षा मंत्री ने कहा कि टीआरई-3 के शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर सरकार विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक जिन शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ है, उन्होंने अपने कार्यस्थल पर कम से कम एक साल की सेवा पूरी की है। टीआरई-3 के शिक्षकों का एक साल जून-जुलाई में पूरा होगा, उसके बाद उनके लिए भी ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मंत्री के इस बयान के बाद सदन में मौजूद कई सदस्यों ने इसे शिक्षकों के लिए सकारात्मक कदम बताया।
जून-जुलाई से शुरू होगी प्रक्रिया
शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि टीआरई-3 के शिक्षकों के लिए जून-जुलाई के महीने में ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का मानना है कि एक साल की सेवा अवधि पूरी करने के बाद स्थानांतरण का अवसर देना प्रशासनिक और शैक्षणिक दोनों दृष्टि से उचित होगा। इससे शिक्षकों को अपनी पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार स्थान चुनने में सुविधा मिलेगी।
म्यूच्यूअल ट्रांसफर पर भी संकेत
सदन में एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार एक बार फिर म्यूच्यूअल ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके तहत सरकारी शिक्षक आपसी सहमति से अपनी पोस्टिंग बदल सकेंगे। यानी जिन शिक्षकों की आपस में सहमति होगी, वे एक-दूसरे के स्थान पर ट्रांसफर करा सकेंगे। यह व्यवस्था पहले भी लागू रही है और शिक्षकों के बीच इसे काफी उपयोगी माना गया था।
अब तक कितने शिक्षकों का हुआ ट्रांसफर
शिक्षा मंत्री ने सदन को अब तक हुए ट्रांसफर पोस्टिंग के आंकड़े भी बताए। उन्होंने बताया कि कुल 1 लाख 27 हजार 240 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है। इनमें टीआरई-1 के तहत 45 हजार 637 शिक्षकों का ट्रांसफर हुआ है, जबकि टीआरई-2 के अंतर्गत 28 हजार 237 शिक्षकों को नई पोस्टिंग दी गई है। इन आंकड़ों को गिनाते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से सभी पात्र शिक्षकों को स्थानांतरण की सुविधा दे रही है।
सरकार की नीति और तर्क
शिक्षा विभाग का कहना है कि ट्रांसफर पोस्टिंग की प्रक्रिया केवल मांग के आधार पर नहीं, बल्कि प्रशासनिक जरूरतों और स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को देखते हुए की जाती है। सरकार का प्रयास है कि किसी भी स्कूल में शिक्षक की कमी न हो और साथ ही शिक्षकों की व्यक्तिगत समस्याओं का भी समाधान किया जा सके। इसी संतुलन को ध्यान में रखकर टीआरई-3 के शिक्षकों के लिए भी समय तय किया गया है।
शिक्षकों में बढ़ी उम्मीद
शिक्षा मंत्री के इस ऐलान के बाद टीआरई-3 के शिक्षकों में उम्मीद जगी है। लंबे समय से वे स्थानांतरण को लेकर असमंजस की स्थिति में थे। अब जून-जुलाई का स्पष्ट समय बताए जाने से उन्हें अपनी आगे की योजना बनाने में सहूलियत होगी। म्यूच्यूअल ट्रांसफर की संभावित बहाली से भी शिक्षकों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।
आगे की राह
सरकार के इस बयान को शिक्षकों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जून-जुलाई में ट्रांसफर प्रक्रिया किस तरह और किन शर्तों के साथ शुरू होती है। अगर तय समय पर प्रक्रिया शुरू होती है, तो यह नीतीश सरकार के लिए शिक्षा क्षेत्र में भरोसा मजबूत करने वाला कदम साबित हो सकता है।


