February 11, 2026

विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण: लॉ एंड ऑर्डर पर विशेष जोर, गिनाई सरकार की उपलब्धियां

  • नीतीश ने तेजस्वी से पूछा हाल-चाल, कई मामलों पर विपक्ष का प्रदर्शन

पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से औपचारिक शुरुआत हो गई। सेंट्रल हॉल में आयोजित संयुक्त बैठक में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सरकार का अभिभाषण पढ़ा। करीब 30 मिनट के अभिभाषण में उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र किया और कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। इस दौरान सदन का माहौल कई बार हल्का भी दिखा और कई मुद्दों पर विपक्ष का विरोध भी सामने आया।
लॉ एंड ऑर्डर पर राज्यपाल का जोर
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण की शुरुआत कानून-व्यवस्था से की। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज कायम है और अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। जब वे कानून-व्यवस्था की चर्चा कर रहे थे, तब वे मुस्कुराते नजर आए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी हंसते दिखे। राज्यपाल ने कहा कि 24 नवंबर 2005 से पहले राज्य में विकास की रफ्तार काफी धीमी थी, लेकिन इसके बाद तेजी से काम हुआ। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में ठोस बदलाव आए हैं।
विकास में केंद्र का सहयोग
अभिभाषण के दौरान राज्यपाल ने केंद्र सरकार के सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया है और नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है, जिससे आवागमन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिला है।
पुलिस बल में बढ़ोतरी का दावा
राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 2005 से पहले राज्य में पुलिस बल की संख्या काफी कम थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर करीब एक लाख 30 हजार कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में महिला पुलिस बल की संख्या देश में सबसे अधिक है। इससे महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है।
सांप्रदायिक सद्भाव की बात
अभिभाषण में सांप्रदायिक सौहार्द का मुद्दा भी उठा। राज्यपाल ने कहा कि बिहार में शांति और सद्भाव का माहौल है। वर्ष 2006 से मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तानों की घेराबंदी की योजना शुरू की गई, ताकि वहां सुरक्षा बनी रहे। इसी तरह हिंदू मंदिरों की भी घेराबंदी कराई गई है, जिससे चोरी और अन्य घटनाओं पर रोक लगी है। इस बयान के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के विधायक अख्तरुल ईमान खड़े होकर विरोध करने लगे, लेकिन राज्यपाल ने इशारों में उन्हें बैठने को कहा।
महिला सशक्तिकरण पर फोकस
राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर घर में एक महिला को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। जिन महिलाओं का व्यवसाय अच्छा चलेगा, उन्हें आगे दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले स्वयं सहायता समूहों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन अब राज्य में लगभग 11 लाख स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। जीविका से जुड़ी महिलाओं की संख्या एक करोड़ 40 लाख तक पहुंच चुकी है।
तेजस्वी यादव की मौजूदगी और सियासी हलचल
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पैर के अंगूठे के नाखून का ऑपरेशन कराने के कारण व्हीलचेयर पर सदन पहुंचे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभिभाषण के दौरान उनका हालचाल पूछा, जिस पर तेजस्वी ने इशारों में जवाब दिया कि वे ठीक हैं। इस दृश्य ने सदन के माहौल को कुछ देर के लिए नरम कर दिया।
नीट छात्रा मामले पर विपक्ष का प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष ने नीट छात्रा से जुड़े मामले को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक कमरूल होदा और वामपंथी विधायक संदीप सौरभ पोस्टर लेकर पहुंचे। उन्होंने न्याय की मांग की और जांच पर सवाल उठाए। राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया और दोषियों को फांसी देने की मांग की। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया गया है और दोषी बच नहीं पाएंगे।
अन्य राजनीतिक बयानबाजी
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। वहीं, बजट को लेकर भाई वीरेंद्र ने केंद्र सरकार पर बिहार की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि राज्य को सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
आगामी कार्यक्रम
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद आज सरकार की ओर से आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। तीन फरवरी को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में प्रस्तुत करेंगे। पांच फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और मतदान होगा। 27 फरवरी तक चलने वाले इस बजट सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। बजट सत्र की शुरुआत सरकार की उपलब्धियों के बखान, विपक्ष के विरोध और सियासी बयानबाजी के बीच हुई। आने वाले दिनों में बजट और अन्य मुद्दों पर सदन का माहौल और गर्म होने की संभावना है।

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