पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में 31 बच्चों को मिला गोल्ड मेडल, 22 छात्राओं ने मारी बाजी
पटना। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में इस बार शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ छात्राओं की मजबूत मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित इस समारोह में कुल 31 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया, जिनमें 22 छात्राएं और 9 छात्र शामिल रहे। यह आंकड़ा एक बार फिर यह साबित करता है कि उच्च शिक्षा में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं और बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय का यह पांचवां दीक्षांत समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक और विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे। मंच पर शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव देखने को मिला, जहां मेधावी विद्यार्थियों को उनकी मेहनत और लगन का सम्मान मिला। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आयोजन को सुव्यवस्थित और समयबद्ध रखने का प्रयास किया गया।
गोल्ड मेडल में छात्राओं का दबदबा
इस बार गोल्ड मेडलिस्ट की सूची में छात्राओं का वर्चस्व साफ नजर आया। कुल 31 गोल्ड मेडल में से 22 छात्राओं के नाम रहे, जबकि 9 छात्र ही इस सूची में जगह बना सके। अलग-अलग विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इन छात्राओं ने न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख को भी मजबूती दी। समारोह में मौजूद शिक्षकों ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि यह बदलाव समाज और शिक्षा दोनों के लिए उत्साहजनक है।
पीएचडी और पीजी डिग्रियों का वितरण
दीक्षांत समारोह में केवल गोल्ड मेडल तक ही कार्यक्रम सीमित नहीं रहा। इस अवसर पर 65 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की गई। इसके अलावा सत्र 2023-25 के दौरान विभिन्न संकायों और पाठ्यक्रमों के पीजी विभागों से जुड़े करीब 800 छात्र-छात्राओं को ऑन-स्पॉट पीजी डिग्री दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह कदम छात्रों को समय पर डिग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम पहल है।
करीब 9 हजार डिग्रियां की गईं जारी
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की ओर से इस अवसर पर करीब 9 हजार छात्र-छात्राओं की डिग्री जारी की गई। हालांकि समारोह में केवल टॉप 10 विद्यार्थियों को ही मंच पर डिग्री प्रदान की गई। शेष विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में आवेदन कर बाद में अपनी डिग्री प्राप्त करने की सुविधा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि डिग्री वितरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
गोल्ड मेडलिस्टों की खुशी
गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। केमिस्ट्री विषय की गोल्ड मेडलिस्ट मनीषा कुमारी ने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने बताया कि मेहनत का फल मिलना हमेशा खुशी देता है और आगे वे रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। अन्य गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों ने भी इस सम्मान को अपने जीवन का यादगार क्षण बताया।
मुख्य अतिथि और अध्यक्षता
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर गिरीश कुमार चौधरी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में छात्रों को निरंतर सीखते रहने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को करनी थी, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वे स्वयं उपस्थित नहीं हो सके। उनकी ओर से प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चौंगथू ने समारोह में शिरकत की और राज्यपाल का संदेश पढ़कर सुनाया।
विषयवार गोल्ड मेडलिस्टों की लंबी सूची
इस अवसर पर विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। बॉटनी में शुभम कुमार, केमिस्ट्री में मनीषा कुमारी, इलेक्ट्रॉनिक्स में कुणाल कुमार ठाकुर, एनवायरमेंटल साइंस में अक्षदा भट्ट, मैथ्स में आर्यन राज और फिजिक्स में मुस्कान कुमारी को सम्मानित किया गया। इसके अलावा जूलॉजी में प्रगति कुमारी, इंग्लिश में रेशमा दरख्शां, हिंदी में आर्या कुमारी, म्यूजिक में साक्षी सेजल, फिलॉसफी में कुमार कृष्णानंद, पाली में नीतीश कुमार और उर्दू में वाजदा तबस्सुम को गोल्ड मेडल मिला।
सामाजिक विज्ञान और प्रोफेशनल कोर्स में भी बेहतर प्रदर्शन
कॉमर्स में जूही कुमारी, इकोनॉमिक्स में अमृता प्रीतम, ज्योग्राफी में संध्या राय, हिस्ट्री में सृष्टि रानी, होम साइंस में अंजनी कुमारी, पॉलिटिकल साइंस में मनीष राज और समाजशास्त्र में छवि करीना को भी गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। प्रोफेशनल कोर्स की बात करें तो एमबीए में आकांक्षा कुमारी, एमसीए में अनीश कुमार, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में अदिति राज, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में सृष्टि कुमारी और एमएड में शशि राज भारती ने शीर्ष स्थान हासिल किया।
उच्च शिक्षा में बढ़ता भरोसा
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह ने यह संदेश दिया कि राज्य में उच्च शिक्षा का स्तर लगातार मजबूत हो रहा है। छात्राओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता इस बात का संकेत है कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की हवा चल पड़ी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में यह संस्थान शैक्षणिक उपलब्धियों के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।


