टेस्ट टीम के कोच बने रहेंगे गंभीर, बीसीसीआई अधिकारी ने किया साफ, कहा- यहां 140 करोड़ क्रिकेट एक्सपर्ट
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल को लेकर इन दिनों लगातार सवाल उठ रहे हैं। खासकर टेस्ट और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम के हालिया प्रदर्शन ने आलोचकों को बोलने का मौका दे दिया है। गंभीर के कोच बनने के बाद जहां टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है, वहीं लाल गेंद और एकदिवसीय प्रारूप में नतीजे निराशाजनक रहे हैं। इसी को लेकर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भविष्य में भारतीय टीम के लिए अलग-अलग प्रारूपों में अलग कोच रखे जाएंगे।
टेस्ट क्रिकेट में लगातार झटके
गौतम गंभीर के कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में बड़े झटके लगे हैं। पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने भारत को उसी के घरेलू मैदान पर टेस्ट श्रृंखला में क्लीन स्वीप किया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम ने भी भारत को घरेलू टेस्ट श्रृंखला में एक भी मैच जीतने का मौका नहीं दिया। हैरानी की बात यह रही कि इन दोनों ही श्रृंखलाओं में भारतीय टीम एक भी टेस्ट मैच ड्रॉ तक नहीं करा सकी। घरेलू परिस्थितियों में इस तरह की हार को भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा झटका माना गया।
एकदिवसीय क्रिकेट में भी गिरावट
सिर्फ टेस्ट ही नहीं, एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन सवालों के घेरे में रहा। न्यूजीलैंड की अपेक्षाकृत कम अनुभवी टीम ने भारत को उसी के घर में एकदिवसीय श्रृंखला में शिकस्त दी। भारतीय टीम, जो लंबे समय से घरेलू मैदानों पर मजबूत मानी जाती रही है, वह इस सीरीज में लय में नजर नहीं आई। इससे यह बहस और तेज हो गई कि कोचिंग रणनीति और टीम संयोजन में कहीं न कहीं चूक हो रही है।
टी20 में सफलता, लेकिन सवाल बरकरार
हालांकि, गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। इस प्रारूप में टीम ने कई बड़ी जीत दर्ज की हैं और आक्रामक खेल के साथ नई प्रतिभाओं को मौका भी मिला है। लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एक प्रारूप में सफलता से बाकी प्रारूपों की नाकामी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी वजह से यह अटकलें लगने लगी हैं कि गंभीर को केवल सीमित ओवरों के क्रिकेट तक सीमित किया जा सकता है और टेस्ट क्रिकेट के लिए अलग कोच नियुक्त हो सकता है।
अटकलों पर बीसीसीआई सचिव की प्रतिक्रिया
इन तमाम चर्चाओं के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इन अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि लोग अपनी निजी राय रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन अंतिम फैसले लेने के लिए बीसीसीआई के पास योग्य और अनुभवी लोग मौजूद हैं। सैकिया ने कहा कि भारत 140 करोड़ लोगों का देश है और यहां हर कोई खुद को क्रिकेट विशेषज्ञ मानता है। हर किसी की अपनी राय होती है और यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
राय और फैसले में फर्क
बीसीसीआई सचिव ने आगे कहा कि मीडिया, पूर्व क्रिकेटर, मौजूदा क्रिकेटर और आम लोग सभी अपनी राय देते हैं। सोशल मीडिया पर तो इस तरह की चर्चाओं की भरमार रहती है। लेकिन अटकलों और राय के आधार पर फैसले नहीं लिए जाते। उन्होंने साफ किया कि बीसीसीआई के भीतर एक क्रिकेट समिति है, जिसमें पूर्व क्रिकेटर शामिल हैं और वही नीतिगत फैसले लेते हैं। इसके अलावा टीम चयन के लिए पांच सदस्यीय चयन समिति है, जो पूरी तरह सक्षम है और सभी पहलुओं पर विचार करके निर्णय लेती है।
चयन समिति और क्रिकेट समिति की भूमिका
सैकिया ने यह भी कहा कि किसी भी फैसले पर हमेशा समर्थन और विरोध दोनों तरह की राय होती हैं। इन सभी बातों पर विचार किया जाता है, लेकिन अंतिम निर्णय क्रिकेट समिति और चयनकर्ताओं द्वारा ही लिया जाता है। कोच को लेकर भी वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी और किसी तरह की जल्दबाजी नहीं होगी।
मनोज तिवारी का बयान और बढ़ा विवाद
इससे पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी गौतम गंभीर को लेकर तीखा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर भारतीय टीम टी20 विश्व कप 2026 नहीं जीत पाती है, तो बीसीसीआई को गौतम गंभीर को मुख्य कोच पद से हटा देना चाहिए। मनोज तिवारी लंबे समय से गंभीर के आलोचक रहे हैं और समय-समय पर उनके फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं। उनके इस बयान के बाद यह बहस और तेज हो गई।
आगे क्या होगा
फिलहाल बीसीसीआई की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि कोच को लेकर किसी भी तरह का फैसला अटकलों के आधार पर नहीं होगा। आने वाले समय में भारतीय टीम का प्रदर्शन ही यह तय करेगा कि कोचिंग ढांचे में कोई बदलाव होगा या नहीं। गौतम गंभीर के सामने अब यह चुनौती है कि वे न सिर्फ टी20, बल्कि टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट में भी टीम को जीत की राह पर लौटाएं। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब आगामी श्रृंखलाओं और बड़े टूर्नामेंटों पर टिकी हैं, जहां से कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।


