January 29, 2026

भारत में चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 4 लाख के पर हुई कीमत, सोने में भी भारी उछाल

नई दिल्ली। देश के सर्राफा बाजार और वायदा कारोबार में गुरुवार को ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने निवेशकों और व्यापारियों को चौंका दिया। सोने और चांदी दोनों ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाइयों को छू लिया। खासतौर पर चांदी ने इतिहास रचते हुए चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि सोना भी एक लाख अस्सी हजार रुपये प्रति दस ग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
वायदा बाजार में दिखी जबरदस्त तेजी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी बहु-वस्तु विनिमय मंच पर चांदी और सोने के वायदा भाव में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। मार्च महीने में आपूर्ति वाले चांदी के सौदे में एक ही दिन में तेज खरीदारी देखने को मिली। चांदी का भाव करीब बाइस हजार रुपये की छलांग लगाते हुए चार लाख सात हजार रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
सोने के वायदा सौदों में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। फरवरी महीने में आपूर्ति वाले सोने का भाव एक ही सत्र में चौदह हजार रुपये से ज्यादा बढ़कर एक लाख अस्सी हजार रुपये प्रति दस ग्राम के पार चला गया। बाजार जानकारों के अनुसार, इतनी बड़ी तेजी लंबे समय बाद देखने को मिली है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला मजबूत समर्थन
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अमेरिका के कॉमेक्स बाजार में सोने के वायदा भाव ने पहली बार पांच हजार छह सौ अमेरिकी डॉलर प्रति औंस का स्तर पार कर लिया। अप्रैल में आपूर्ति वाले सोने का भाव रिकॉर्ड बढ़त के साथ पांच हजार छह सौ छब्बीस डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
चांदी ने भी वैश्विक बाजार में नया इतिहास रच दिया। कॉमेक्स बाजार में चांदी का भाव एक सौ उन्नीस अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले इस मजबूत संकेत का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
क्यों बढ़ रही है चांदी की चमक
विश्लेषकों का कहना है कि इस समय चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं। सबसे बड़ा कारण औद्योगिक मांग में तेज इजाफा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी चांदी को मजबूती दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के दिनों में चांदी ने सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। निवेशक इसे न केवल सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं, बल्कि औद्योगिक धातु के तौर पर भी इसकी मांग बढ़ रही है।
सोने की कीमतों को सहारा देने वाले कारक
सोने की कीमतों में आई इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे भी कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं। दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे समय में सोना हमेशा पहली पसंद माना जाता है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीदारी भी कीमतों को सहारा दे रही है। कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे हैं। इससे वैश्विक मांग में लगातार इजाफा हो रहा है।
आंकड़ों में समझिए तेजी की रफ्तार
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल अब तक सोने की कीमत में सत्ताइस प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे पहले साल 2025 में सोने ने करीब चौंसठ प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाई थी।
वहीं चांदी की बात करें तो इस साल अब तक इसकी कीमत में साठ प्रतिशत से ज्यादा का उछाल देखा गया है। यह आंकड़ा साफ तौर पर बताता है कि निवेशकों के बीच चांदी को लेकर उत्साह कहीं ज्यादा बढ़ा है।
निवेशकों में बढ़ा भरोसा
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में कीमती धातुओं को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। कमजोर डॉलर, वैश्विक मंदी की आशंका और राजनीतिक अस्थिरता जैसे कारकों ने सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में और आकर्षक बना दिया है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि इतनी ऊंची कीमतों पर निवेश करते समय सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि बाजार में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।
आगे क्या कहते हैं संकेत
जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहते हैं तो आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल इतना तय है कि कीमती धातुओं ने निवेश के मोर्चे पर एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है और बाजार की नजर अब अगले रिकॉर्ड पर टिकी हुई है।

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