January 27, 2026

पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, वैकेंसी जारी करने की मांग, भारी फोर्स तैनात

पटना। राजधानी पटना में एक बार फिर शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। टीईआर-4 शिक्षक भर्ती की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थी गांधी मैदान में इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार लंबे समय से केवल आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक टीईआर-4 की अधिसूचना जारी नहीं की गई है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
अभ्यर्थियों की नाराजगी और मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई वर्षों से शिक्षक बनने का सपना लेकर तैयारी कर रहे हैं। बार-बार तारीखें निकल जाने और भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी से वे मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि चुनाव से पहले सरकार ने जल्द वैकेंसी निकालने के वादे किए थे, लेकिन चुनाव समाप्त होने के महीनों बाद भी टीईआर-4 को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। इसी देरी के खिलाफ वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। गांधी मैदान में जुटे अभ्यर्थियों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि शिक्षक भर्ती केवल नौकरी का सवाल नहीं है, बल्कि इससे उनके जीवन की दिशा जुड़ी हुई है।
छात्र नेता का सरकार पर हमला
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता खुशबू पाठक ने शिक्षा विभाग और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब भी टीईआर-4 को लेकर शिक्षा मंत्री से सवाल किया जाता है, तो एक ही जवाब मिलता है कि रोस्टर क्लीयरेंस नहीं हुआ है और जल्द वैकेंसी जारी होगी। यह जवाब अब अभ्यर्थियों को गुमराह करने जैसा लगने लगा है। खुशबू पाठक ने कहा कि चुनाव से पहले लगातार वैकेंसी जारी करने की बातें की जाती रहीं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद सरकार की प्राथमिकताएं बदल गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षा मंत्री का ‘शीघ्र वैकेंसी जारी होगी’ वाला बयान आखिर कब तक चलता रहेगा। छात्र नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द टीईआर-4 की अधिसूचना जारी नहीं की, तो विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
भविष्य को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी चिंता उनका भविष्य है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है और अब उम्र सीमा के करीब पहुंच चुके हैं। बार-बार की देरी से उनके सामने रोजगार के विकल्प सीमित होते जा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि समय रहते भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो उनकी मेहनत और वर्षों का इंतजार बेकार चला जाएगा।
शिक्षा मंत्री का पक्ष
दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री ने कुछ दिन पहले टीईआर-4 भर्ती को लेकर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि देश में ऐसा कोई राज्य नहीं है, जहां मात्र दो वर्षों में 2.70 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई हो। मंत्री के अनुसार, अब तक शिक्षकों की नियुक्ति और तबादलों की प्रक्रिया पर कोई सवाल नहीं उठा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षक भर्ती कोई निजी स्कूल की नियुक्ति नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया है, जिसमें नियमों और आरक्षण व्यवस्था का पालन करना अनिवार्य होता है। इसके लिए रोस्टर क्लीयरेंस जरूरी है, जिसमें समय लगता है।
रोस्टर क्लीयरेंस और देरी की वजह
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, चुनाव के कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई है। फिलहाल राज्य के लगभग आधे जिलों का रोस्टर क्लीयरेंस मिल चुका है, जबकि बाकी जिलों का इंतजार किया जा रहा है। रोस्टर मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग भी प्रक्रिया में शामिल होता है, ताकि आरक्षण नियमों का पूरी तरह पालन हो सके। मंत्री ने यह भी बताया कि इस बार करीब 25 हजार पदों पर भर्ती होने की संभावना है। किस विषय में कितने शिक्षकों की जरूरत है, इसका आकलन किया जा रहा है।
आगे क्या उम्मीद
शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया है कि जनवरी के बाद टीईआर-4 की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं। पटना में हुआ यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि यदि जल्द वैकेंसी जारी नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में शिक्षक भर्ती को लेकर राज्य में आंदोलन और तेज हो सकता है।

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