मुजफ्फरपुर में घर में फंदे से लटका मिला दवा कारोबारी का शव, मची सनसनी, जांच में जुटी पुलिस
मुजफ्फरपुर। जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब संजय सिनेमा रोड स्थित एक बंद घर के भीतर प्रतिष्ठित दवा कारोबारी का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों के साथ-साथ दवा व्यवसाय से जुड़े लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। मृतक की पहचान 47 वर्षीय जितेंद्र कुमार पांडेय के रूप में हुई है, जो शहर के जाने-माने दवा कारोबारी बताए जाते हैं। उनके अचानक निधन से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे व्यावसायिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जितेंद्र कुमार पांडेय संजय सिनेमा रोड स्थित अपने आवास में अपने भाई के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि उनका परिवार इन दिनों शहर से बाहर गया हुआ था। शनिवार को काफी देर तक जब जितेंद्र के कमरे से कोई गतिविधि दिखाई नहीं दी और दरवाजा भी नहीं खुला, तो उनके भाई को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने कई बार आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद आसपास के लोगों को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। कमरे के भीतर जितेंद्र कुमार पांडेय का शव फंदे से लटका हुआ था। घटना की खबर मिलते ही ब्रह्मपुरा थाना प्रभारी विजय लक्ष्मी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पूरे घर और कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के पीछे क्या कारण रहा, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या जितेंद्र किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्या या व्यावसायिक दबाव से गुजर रहे थे। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और हालिया संपर्कों की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा उनके भाई और अन्य परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि हाल के दिनों में उनके व्यवहार में कोई बदलाव तो नहीं देखा गया था। घटना के बाद संजय सिनेमा रोड और आसपास के इलाकों में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही। दवा व्यवसाय से जुड़े कई कारोबारी मौके पर पहुंचे और गहरी संवेदना व्यक्त की। सहयोगियों और परिचितों ने बताया कि जितेंद्र कुमार पांडेय बेहद मिलनसार, सरल स्वभाव और व्यवहार कुशल व्यक्ति थे। वे अपने काम के प्रति गंभीर और ईमानदार माने जाते थे। ऐसे में उनके द्वारा इस तरह का कदम उठाना सभी के लिए हैरान करने वाला है। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने कभी भी जितेंद्र को तनाव या परेशानी में नहीं देखा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि जितेंद्र का व्यापारिक और सामाजिक दायरा काफी बड़ा था और उनकी पहचान एक जिम्मेदार कारोबारी के रूप में थी। अचानक हुई इस घटना से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है। आसपास के दुकानदारों और पड़ोसियों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है और यदि किसी भी तरह की संदिग्ध बात सामने आती है, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव और अचानक होने वाली घटनाओं को लेकर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और कारण छिपा हुआ है। फिलहाल पूरा जिला इस प्रतिष्ठित दवा कारोबारी के असामयिक निधन से शोकाकुल है।


