January 24, 2026

नालंदा में 5 वर्ष के बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौनाचार, अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर

नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक जघन्य घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। सरमेरा थाना क्षेत्र के एक गांव में महज पांच साल के एक मासूम बच्चे के साथ चॉकलेट और बिस्कुट का लालच देकर अप्राकृतिक यौनाचार किया गया। पीड़ित बच्चे को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। यह घटना गुरुवार शाम की है, जिसके बाद से गांव में गुस्सा और आक्रोश का माहौल है। घटना का खुलासा पीड़ित बच्चे की मां के बयान से हुआ। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की शाम उनका बेटा घर के आसपास ही खेल रहा था, जो अचानक गायब हो गया। इसी दौरान जब वह खेत में शौच के लिए जा रही थीं, तो उन्हें एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में दौड़कर जाने पर उन्होंने देखा कि उनका बेटा खून से लथपथ अवस्था में जमीन पर पड़ा रो रहा है। दृश्य देखकर मां सहम गई और उन्होंने तुरंत बच्चे को गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को अधिक बेहतर इलाज के लिए बिहारशरीफ स्थित एक उच्च स्वास्थ्य केंद्र में रेफर कर दिया गया, जहां वह अब भी डॉक्टरों की निगरानी में है। अस्पताल में हालत में सुधार होने के बाद बच्चे ने अपनी मां को घटना का पूरा ब्योरा बताया। बच्चे के अनुसार, गांव का ही एक 20 वर्षीय युवक उसे बिस्कुट और चॉकलेट दिलाने के बहाने ले गया। आरोपी ने बच्चे को खेत में ले जाकर जबरन अप्राकृतिक यौनाचार किया। इस दौरान बच्चा शोर न कर सके, इसके लिए आरोपी उसे बिस्कुट खिलाता रहा। जब बच्चा तेज आवाज में रोने लगा, तो आरोपी उसे खून से सनी हालत में छोड़कर वहां से फरार हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी गांव का ही एक युवक है, जो खेती-बाड़ी का काम करता है और उसका स्वयं का भी एक छोटा बच्चा है। इस बात ने लोगों की रोष को और बढ़ा दिया है कि एक पिता होने के बावजूद उसने इतनी बर्बरता दिखाई। ग्रामीण बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर कर रहे हैं और इलाके में पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा जुर्म करने की हिमाकत न कर सके। इस मामले में सरमेरा थानाध्यक्ष सकेंद्र कुमार बिंद ने पुष्टि की है कि पीड़ित बच्चे और उसकी मां के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी सबूतों को एकत्र करने में जुटी हुई है, ताकि अदालत में मजबूत मामला बन सके और दोषी को कड़ी सजा मिल सके। यह घटना एक बार फिर समाज के सामने बच्चों, विशेषकर छोटी उम्र के मासूमों की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा कर गई है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसी घटनाओं का बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ सकता है। समाजसेवी संगठनों ने इस तरह के अपराधों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। साथ ही, उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें अजनबियों से सावधान रहने की सीख देने का आग्रह किया है। पूरा मामला अभी पुलिस जांच के दायरे में है। जिला प्रशासन ने भी संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सभी की निगाहें अब पुलिस की इस गिरफ्तारी पर टिकी हैं और इस बात पर कि क्या इस सदमे से गुजर रहे मासूम बच्चे को न्याय मिल पाएगा।

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