प्रधानमंत्री ने युवाओं को दी नौकरी की सौगात, रोजगार मेले में सौंपे 61 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र
नई दिल्ली। शनिवार को आयोजित रोजगार मेले के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को बड़ी सौगात दी। 18वें रोजगार मेले के तहत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में चयनित 61 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस कार्यक्रम का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया, जिसमें देशभर से चयनित अभ्यर्थी जुड़े। प्रधानमंत्री ने इसे युवाओं के जीवन में नई शुरुआत और राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
युवाओं के जीवन में नई शुरुआत
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन 61 हजार से अधिक युवाओं के लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल नौकरी का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का आमंत्रण पत्र है। यह विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प पत्र भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2026 की शुरुआत इन युवाओं के जीवन में नई खुशियां लेकर आई है। संयोगवश बसंत पंचमी के तुरंत बाद यह कार्यक्रम हुआ है, जो युवाओं के जीवन में नई ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है।
संविधान और गणतंत्र से जुड़ा अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समय युवाओं को संविधान के प्रति अपने दायित्वों से जोड़ता है। देश इस समय गणतंत्र के महापर्व को मना रहा है और ऐसे समय में सरकारी सेवा में प्रवेश करना अपने आप में गौरव की बात है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे संविधान के मूल्यों को आत्मसात करें और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि यह जनता की सेवा और देश के विकास में योगदान का अवसर है।
तेजी से बदलती तकनीक और युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बदलती तकनीक और वैश्विक परिदृश्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज का दौर तेजी से बदलती तकनीक का है, जहां देश की जरूरतें और प्राथमिकताएं भी लगातार बदल रही हैं। ऐसे में युवाओं को खुद को लगातार अपग्रेड करते रहना होगा। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को अपनाना, कौशल विकास पर ध्यान देना और निरंतर सीखते रहना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
आईजीओटी प्लेटफॉर्म और प्रशिक्षण पर जोर
प्रधानमंत्री ने आईजीओटी प्लेटफॉर्म का उल्लेख करते हुए बताया कि बहुत कम समय में करीब डेढ़ करोड़ सरकारी कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। इसके जरिए कर्मचारी खुद को नए सिरे से प्रशिक्षित और सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मंत्र है नागरिक देवो भव, यानी नागरिकों को सर्वोपरि मानते हुए सेवा करना। इस सोच के साथ सरकारी कर्मचारियों को काम करना चाहिए ताकि आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
रिफॉर्म एक्सप्रेस पर देश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर आगे बढ़ रहा है। इन सुधारों का उद्देश्य देश में जीवन और कारोबार दोनों को आसान बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नीतिगत सुधार कर रही है ताकि युवाओं को अधिक अवसर मिल सकें और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। रोजगार मेले जैसे कार्यक्रम इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं, जिनसे युवाओं को सीधे रोजगार मिल रहा है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में 8 हजार से अधिक बेटियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। बीते 11 वर्षों में देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है। यह बदलाव सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से देश की प्रगति को नई गति मिल रही है और सरकार इसे और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
वैश्विक अवसर और नई संभावनाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार आज कई देशों के साथ ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है। इन समझौतों से भारतीय युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर खुल रहे हैं। डिजिटल मीडिया, टेक्नोलॉजी और क्रिएटर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से ग्लोबल हब बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की क्रिएटर इकोनॉमी बहुत तेज गति से बढ़ रही है और इसमें युवाओं की भूमिका बेहद अहम है।
भविष्य की ओर आशावादी नजर
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नव नियुक्त युवाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश को इन युवाओं से बड़ी उम्मीदें हैं। ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव के साथ काम करने से न केवल उनका व्यक्तिगत जीवन सफल होगा, बल्कि देश भी प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा। रोजगार मेला सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत युवाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत के सपने को साकार किया जा रहा है।


