पटना में लॉरेंस गैंग के शूटर का एनकाउंटर, मुठभेड़ में लगी गोली, 24 से अधिक मामले थे दर्ज
पटना। राजधानी पटना में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई एक बार फिर सामने आई है। गुरुवार तड़के मसौढ़ी थाना क्षेत्र में बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल और कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ ने साफ संकेत दिया है कि पुलिस अब अपराधियों को खुली छूट देने के मूड में नहीं है। इस मुठभेड़ में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े शूटर परमानंद यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता
पिछले कुछ समय से पटना और आसपास के इलाकों में संगठित अपराध और रंगदारी की घटनाओं को लेकर पुलिस पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इन्हीं हालात के बीच पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई तेज की। पुलिस को जानकारी मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा एक अहम शूटर पटना में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है। इसके बाद विशेष कार्य बल और स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया गया।
बेऊर से मसौढ़ी तक पीछा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार देर रात बेऊर थाना क्षेत्र में कुछ संदिग्ध अपराधियों को हिरासत में लिया गया था। इसी दौरान एक बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया और जहानाबाद की ओर भागने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने उसका पीछा शुरू किया और मसौढ़ी थाना क्षेत्र को भी सतर्क कर दिया गया। करीब 20 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने गुरुवार सुबह तड़के आरोपी को मसौढ़ी इलाके में घेर लिया।
मुठभेड़ कैसे हुई
पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब चार बजे आरोपी को बाइक रोकने का इशारा किया गया, लेकिन वह नहीं रुका और तेज रफ्तार में भागने लगा। इसी दौरान उसकी बाइक फिसल गई और वह सड़क पर गिर पड़ा। गिरते ही आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में लगी। कुल तीन राउंड फायरिंग हुई, लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। घायल आरोपी को तुरंत काबू में लेकर अस्पताल भेजा गया।
कौन है परमानंद यादव
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार घायल आरोपी की पहचान परमानंद यादव के रूप में हुई है। वह झारखंड के लातेहार जिले के चटेर, चंदवा गांव का रहने वाला है और बिहार-झारखंड में गिरोह के नेटवर्क को संभालने का काम करता था। पुलिस का दावा है कि परमानंद यादव लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का बिहार प्रभारी था और उस पर हत्या, लूट, रंगदारी समेत 24 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
झारखंड से बिहार तक फैला नेटवर्क
पुलिस का कहना है कि परमानंद यादव झारखंड के लातेहार इलाके से बैठकर अपने पूरे आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता था। झारखंड में उसके खिलाफ चंदवा और बिशुनपुर थाना क्षेत्रों में कई मामले दर्ज हैं। कुछ महीने पहले पुलिस ने उसके घर पर इश्तहार भी चिपकाया था, जिससे यह साफ हो गया था कि वह लंबे समय से फरार चल रहा था और कानून से बचता फिर रहा था।
राहुल सिंह गिरोह से संबंध
जांच में यह भी सामने आया है कि परमानंद यादव झारखंड के कुख्यात अपराधी राहुल सिंह के गिरोह के लिए भी काम करता था। दोनों एक ही क्षेत्र के रहने वाले बताए जाते हैं और उनके बीच करीबी संबंध थे। पुलिस को शक है कि राहुल सिंह गिरोह की लेवी और रंगदारी से जुड़े कई अहम राज परमानंद यादव के पास हो सकते हैं। सितंबर 2025 में चंदवा पुलिस ने दोनों के घर पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की थी।
अपराध की ओर धकेलने वाली पारिवारिक पृष्ठभूमि
पुलिस ने परमानंद यादव की पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी साझा की है। बताया गया कि उसका चाचा शुकुल यादव नक्सली गतिविधियों से जुड़ा था और झारखंड संघर्ष जन मुक्ति मोर्चा नामक प्रतिबंधित संगठन के लिए काम करता था। वर्ष 2003 में उसके चाचा को मुठभेड़ में मार गिराया गया था। पुलिस का मानना है कि इस पृष्ठभूमि और अपराधियों के संपर्क ने परमानंद यादव को भी अपराध की दुनिया में धकेल दिया।
लगातार हो रही मुठभेड़ें
जनवरी के महज 22 दिनों में बिहार पुलिस की यह चौथी मुठभेड़ है। इससे पहले 15 जनवरी को पटना के मनेर इलाके में कुख्यात नीतीश यादव को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया गया था। 11 जनवरी को बाढ़ क्षेत्र में हत्या के आरोपी प्रह्ललाद कुमार को गोली लगी थी। वहीं 2 जनवरी को खगौल थाना क्षेत्र में कुख्यात मैनेजर राय मुठभेड़ में घायल हुआ था। इन घटनाओं से साफ है कि पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।
पुलिस का दावा और आगे की कार्रवाई
सिटी पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार ने कहा कि मुठभेड़ के बाद इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी के साथ कोई अन्य सहयोगी तो मौजूद नहीं था। पुलिस का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
संगठित अपराध पर सख्ती का संदेश
परमानंद यादव के साथ हुई मुठभेड़ बिहार पुलिस के उस इरादे को दिखाती है, जिसमें वह संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।


