गोपालगंज में नवविवाहिता की मौत से हड़कंप, जहर खाने की आशंका, परिजनों ने ससुराल पर लगाया आरोप
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामला सिधवलिया थाना क्षेत्र के गंगवा गांव का है, जहां जहर खाने से एक महिला की मौत हो गई। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मृतका की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृत महिला की पहचान गंगवा गांव निवासी शहीद आलम की 30 वर्षीय पत्नी नईमा खातून के रूप में हुई है। नईमा की शादी करीब दो वर्ष पहले सिधवलिया थाना क्षेत्र के शाहपुर विशुनपुरा गांव निवासी मुबारक मियां की बेटी के रूप में हुई थी। विवाह के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन बीते कुछ महीनों से पारिवारिक विवाद की बातें सामने आ रही थीं।
घरेलू विवाद की पृष्ठभूमि
परिजनों के अनुसार, नईमा खातून का अपने ससुराल में जेठानी और भसुर के साथ अक्सर विवाद होता था। पति शहीद आलम रोज़गार के सिलसिले में विदेश में रहते हैं, जिस कारण नईमा घर में अकेली रहती थी। इसी दौरान पारिवारिक तनाव बढ़ता चला गया। मायके वालों का कहना है कि विवाद की वजह से नईमा मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।
मायके जाने और लौटने के बाद की घटना
मृतका के परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले नईमा अपने मायके आई थी और वहां उसने अपने साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चिंता जाहिर की थी। इसके बाद वह दोबारा ससुराल लौटी। आरोप है कि ससुराल पहुंचते ही उसकी जेठानी ने उसके साथ मारपीट की। इस घटना की जानकारी नईमा ने फोन पर अपनी मां नजमुन खातून को दी थी। मां के मुताबिक, बातचीत के दौरान नईमा रो रही थी और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थी।
अचानक बिगड़ी तबीयत और मौत
घटना वाले दिन नईमा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। मायके वालों का कहना है कि उन्हें फोन कर बताया गया कि नईमा की हालत गंभीर है। सूचना मिलते ही उसकी मां और तीन मामी गंगवा गांव के लिए रवाना हुईं। जब वे वहां पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि घर में कोई मौजूद नहीं था और ससुराल के सभी लोग फरार थे।
ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप
नईमा के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर यह आत्महत्या होती, तो ससुराल पक्ष मौके से भागने के बजाय इलाज कराने की कोशिश करता। परिजनों का यह भी आरोप है कि घरेलू विवाद और मारपीट के चलते नईमा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसका नतीजा उसकी मौत के रूप में सामने आया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलने पर सिधवलिया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। सदर एसडीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि गंगवा गांव में महिला की मौत की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर शव और आसपास के स्थानों की जांच की और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत आत्महत्या है या हत्या।
इलाके में दहशत और सवाल
इस घटना के बाद गंगवा गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। गांव के कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर महिला की तबीयत अचानक बिगड़ी थी, तो समय पर इलाज क्यों नहीं कराया गया और ससुराल पक्ष क्यों फरार हो गया।
न्याय की मांग
नईमा के परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं है और इसके पीछे ससुराल पक्ष की भूमिका की गहराई से जांच होनी चाहिए। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवाद और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब जांच के नतीजों के साथ ही सामने आएगा।


