औरंगाबाद में 11 वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या: गला रेतकर मार डाला, पुराने विवाद में पड़ोसी ने की हत्या
औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां 11 वर्षीय मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बच्चे का गला रेतकर उसकी जान ली गई और फिर शव को बोरे में भरकर मदार नदी के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया। यह जघन्य अपराध किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसी के पड़ोस में रहने वाले युवक ने अंजाम दिया। वारदात के पीछे पुराना जमीन विवाद बताया जा रहा है, जिसने एक मासूम की जान ले ली।
रोजमर्रा की तरह शुरू हुआ था दिन
मृतक बच्चे की पहचान सलैया थाना क्षेत्र के राजा गरडी गांव निवासी मंटू दास के 11 वर्षीय बेटे सूरज कुमार के रूप में हुई है। सोमवार को सूरज का दिन बिल्कुल सामान्य तरीके से शुरू हुआ था। वह रोज की तरह स्कूल गया, वहां से लौटने के बाद घर के बाहर खेल रहा था। उस समय उसके घर में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें परिवार के अन्य सदस्य व्यस्त थे। इसी दौरान किसी को भनक भी नहीं लगी और सूरज अचानक घर के आसपास से गायब हो गया।
शाम होते-होते बढ़ी चिंता
शाम ढलने लगी, लेकिन सूरज घर नहीं लौटा। पहले तो परिजनों ने सोचा कि वह आसपास के बच्चों के साथ खेल रहा होगा, लेकिन जब देर रात तक उसका कोई पता नहीं चला, तो घरवालों की चिंता बढ़ने लगी। परिजन और गांव के लोग मिलकर उसे इधर-उधर खोजने लगे। हर गली, हर खेत और आसपास के रास्तों पर सूरज को ढूंढा गया, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
आखिरी बार पड़ोसी के साथ दिखा था बच्चा
खोजबीन के दौरान गांव के मुखिया ने परिजनों को एक अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूरज को आखिरी बार गांव के ही एक युवक सोनू के साथ बगीचे की ओर जाते हुए देखा गया था। यह जानकारी मिलते ही परिजनों का शक उसी पर टिक गया। सूरज के चाचा संटू दास ने बताया कि सोनू रिश्ते में उनका चचेरा भाई लगता है और पड़ोस में ही रहता है।
पूछताछ में करता रहा टालमटोल
परिजनों ने सोनू से कई बार सूरज के बारे में पूछा, लेकिन वह हर बार यही कहता रहा कि उसे कुछ पता नहीं है। उसके जवाबों से परिजनों का शक और गहरा हो गया। आखिरकार उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सलैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सोनू को हिरासत में लेकर थाने ले गई। शुरुआती पूछताछ में वह पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा।
सख्ती के बाद कबूला जुर्म
करीब 12 घंटे तक चली पूछताछ के बाद, मंगलवार की सुबह लगभग साढ़े चार बजे सोनू टूट गया। सख्ती बरतने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उसने ही सूरज की हत्या की है और शव को कहां छिपाया गया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस गांव से करीब 500 मीटर दूर मदार नदी के पास घनी झाड़ियों में पहुंची, जहां बोरे में बंद सूरज का शव बरामद किया गया।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। करीब तीन-चार महीने पहले इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी। तभी से वह बदला लेने की फिराक में था। सोमवार को उसे मौका मिला और उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। उसने सूरज को बहला-फुसला कर बगीचे की ओर ले गया और वहां गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस जांच और कार्रवाई
थानाध्यक्ष कन्हैया शर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था और प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस वारदात में सोनू के अलावा कोई और व्यक्ति तो शामिल नहीं था। घटनास्थल से अहम सुराग जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है।
प्रशासन का पक्ष
औरंगाबाद सदर एसडीपीओ-2 चंदन कुमार ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे बच्चे के लापता होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत सर्च अभियान शुरू किया। शक के आधार पर सोनू को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो सका। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले को फास्ट ट्रैक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सूरज चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसके पिता मंटू दास रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्य में मजदूरी करते हैं। बेटे की हत्या की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां सरिता देवी गहरे सदमे में हैं और बार-बार रोते हुए बेहोश हो जा रही हैं। गांव का माहौल भी गमगीन है और हर कोई इस नृशंस हत्या से स्तब्ध है।
समाज के लिए एक कड़ा संदेश
यह घटना न केवल एक मासूम की दर्दनाक मौत की कहानी है, बल्कि समाज में बढ़ते आपसी विवाद और हिंसा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जमीन जैसे मुद्दों पर पनप रही दुश्मनी जब इस हद तक पहुंच जाए कि एक बच्चे की जान ले ली जाए, तो यह पूरे समाज के लिए चेतावनी है। पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन इस घटना ने गांव और जिले के लोगों को लंबे समय तक झकझोर कर रख दिया है।


