January 23, 2026

पटना में जल्द बनेगा शानदार पीएम एकता मॉल, हस्तशिल्प एवं विशिष्ट उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी

पटना। राजधानी पटना में विकास की गति को नया आयाम देने वाली एक और बड़ी परियोजना जल्द ही धरातल पर उतरने जा रही है। शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र बोरिंग रोड स्थित पानी टंकी के पास और अटल पथ के समीप प्रधानमंत्री एकता मॉल (यूनिटी मॉल) का निर्माण किया जाएगा। यह मॉल केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस परियोजना के तहत देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विशिष्ट, पारंपरिक और हस्तशिल्प उत्पादों को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित करने और बिक्री के लिए उपलब्ध कराने की योजना है। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री एकता मॉल का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विविधता, हस्तशिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। मॉल में बिहार के अलग-अलग जिलों के प्रसिद्ध उत्पादों के साथ-साथ भारत के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पारंपरिक सामान भी उपलब्ध होंगे। इससे न केवल ग्राहकों को देशभर के विशेष उत्पाद एक ही स्थान पर मिल सकेंगे, बल्कि कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को भी स्थायी बाजार और बेहतर मंच मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग मजबूत होगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थल की उपलब्धता, निर्माण संबंधी आवश्यकताओं, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा मानकों को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थल पर मौजूद अवरोधों, पुराने और जीर्ण-शीर्ण निर्माणों को जल्द से जल्द हटाया जाए ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो और आम लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री एकता मॉल के लिए संबंधित स्थल का हस्तांतरण पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने परियोजना से जुड़े कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने और निर्माण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि मॉल के निर्माण के साथ-साथ भविष्य में इसके संचालन को लेकर भी सभी पहलुओं पर पहले से तैयारी जरूरी है, ताकि मॉल के खुलने के बाद नागरिकों और आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। परियोजना में पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना के अनुसार, मॉल परिसर में हरित क्षेत्र का विकास किया जाएगा, जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और ऊर्जा दक्ष तकनीकों का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा, मॉल में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था और आगंतुकों की सुरक्षा के लिए आधुनिक उपायों को शामिल किया जाएगा, जिससे लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री एकता मॉल का कुल स्थल क्षेत्रफल 12054 वर्गमीटर यानी लगभग 2.978 एकड़ होगा। इसमें 3069.67 वर्गमीटर क्षेत्र को ग्राउंड कवरेज के रूप में निर्धारित किया गया है। मॉल का निर्माण बेसमेंट, भूतल और उसके ऊपर पांच तल्लों के रूप में किया जाएगा। प्रस्तावित मॉल का कुल बिल्टअप एरिया 19466.1 वर्गमीटर होगा, जो इसे पटना के बड़े व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री एकता मॉल के निर्माण से पटना को एक नई पहचान मिलेगी। यह मॉल केवल खरीदारी का केंद्र नहीं होगा, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत करने वाला आकर्षक केंद्र भी बनेगा। इसके माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, रोजगार के नए अवसर पैदा होने और राज्य में व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। आने वाले समय में यह मॉल पटना के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है और राजधानी के विकास में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।

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