प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड: हवाओं से बढ़ेगी कनकनी, पटना समेत कई जिलों में अलर्ट जारी
पटना। बिहार में जनवरी के आखिरी हफ्ते में मौसम एक बार फिर लोगों की परीक्षा लेने वाला है। बीते कुछ दिनों से धूप निकलने के कारण ठंड से थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन यह राहत स्थायी नहीं रहने वाली। मौसम विभाग के ताजा आकलन के मुताबिक पहाड़ों पर जारी बर्फबारी और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश में फिर से कनकनी बढ़ेगी। राजधानी पटना समेत कई जिलों में कोहरा और धुंध को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
जनवरी के अंत तक नहीं मिलेगी पूरी राहत
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जनवरी के आखिरी दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा। दिन में धूप निकलने से तापमान थोड़ा संतुलित जरूर दिखेगा, लेकिन सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ेगी। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और खुले क्षेत्रों में ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जाएगा। पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है, जिससे बिहार में ठंडी और शुष्क हवाएं सक्रिय हो रही हैं।
कई जिलों में धुंध और कुहासे का असर
मौसम विभाग के अनुसार पटना, बेगूसराय समेत करीब 9 जिलों में धुंध छाए रहने की संभावना है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में सुबह के समय कुहासा देखने को मिल सकता है। पछुआ हवा के प्रभाव से ठंड और कनकनी में इजाफा होगा। हालांकि दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने से लोगों को हल्की राहत जरूर मिलेगी, लेकिन यह राहत अस्थायी रहेगी।
तापमान में लगातार गिरावट
पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मौसम में ठंड साफ तौर पर दर्ज की गई है। राज्य के 7 जिलों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, जबकि 14 जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। भागलपुर जिले का सबौर 6.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा इलाका रहा। नालंदा में न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि ठंड का असर अभी खत्म नहीं हुआ है।
21 जनवरी के बाद बदलेगा हवाओं का मिजाज
मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 और 21 जनवरी के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी और शुष्क हवाएं तेज हो जाएंगी। इन हवाओं के सक्रिय होते ही न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री तक की और गिरावट आ सकती है। 21 जनवरी को राज्य के 4 से 5 जिलों में घना कुहासा देखने को मिल सकता है। इसके बाद अगले करीब छह दिनों तक ठंड सामान्य स्तर पर बनी रहने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात की ठिठुरन लोगों को परेशान कर सकती है।
पटना का मौजूदा मौसम
राजधानी पटना में फिलहाल दिन में धूप निकलने से ठंड ज्यादा तीखी महसूस नहीं हो रही है। सुबह और देर रात कुहासा छाया रह रहा है। मौसम विभाग के अनुसार पटना में न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। बीते 24 घंटों में पटना का न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण कनकनी बनी हुई है।
कोहरे के कारण सतर्कता जरूरी
उत्तर भारत में लगातार ठंडी हवा, वातावरण में नमी और स्थिर मौसम की स्थिति के कारण बिहार में घने कोहरे की समस्या बनी हुई है। अगले कुछ दिनों तक सुबह और शाम को कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना या अव्यवस्था से समय रहते निपटा जा सके।
यातायात और जनजीवन पर असर
मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि कोहरे के दौरान धीमी गति से वाहन चलाएं और फॉग लाइट का प्रयोग करें। खासकर सुबह के समय हाईवे, पुल और खुले इलाकों में दृश्यता काफी कम हो सकती है। कोहरे के कारण ट्रेन और बस सेवाओं के समय पर भी असर पड़ने की संभावना है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
हवा की गुणवत्ता पर भी असर
धूप निकलने और वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण सड़कों पर धूल-कण उड़ने लगे हैं। सुबह और शाम हवा में नमी होने की वजह से वायुमंडल के निचले स्तर में ये कण लंबे समय तक बने रहते हैं। इसका असर शहर की हवा पर साफ दिख रहा है। वेटनरी मैदान, एयरपोर्ट और तारामंडल के आसपास की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित दर्ज की गई है। वेटनरी मैदान के पास एक्यूआई स्तर 237 तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है। पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर भी मानक से काफी ऊपर दर्ज किया गया है।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड, कोहरा और बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी रोगियों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। बिहार में ठंड का असर अभी जारी रहेगा और आने वाले दिनों में कनकनी फिर लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर सकती है।


