January 23, 2026

पटना में एक और हॉस्टल कांड का खुलासा, औरंगाबाद की छात्रा की हुई हत्या, संचालक समेत कई पर एफआईआर

पटना। राजधानी पटना में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नीट की छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुई थी कि अब एक और हॉस्टल कांड सामने आया है। इस बार मामला पटना के एग्जिबिशन रोड इलाके में स्थित एक गर्ल्स पीजी हॉस्टल से जुड़ा है, जहां औरंगाबाद की 15 वर्षीय छात्रा की कथित रूप से हत्या कर दी गई। घटना के खुलासे के बाद शहर में हड़कंप मच गया है और परिजनों ने पूरे मामले को साजिश के तहत की गई हत्या बताते हुए हॉस्टल संचालक समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 6 जनवरी की बताई जा रही है। मृत छात्रा पटना में पढ़ाई के उद्देश्य से एग्जिबिशन रोड स्थित “परफैक्ट गर्ल्स पी.जी. हॉस्टल” में रह रही थी। परिजनों के अनुसार छात्रा पूरी तरह स्वस्थ थी और पढ़ाई को लेकर गंभीर थी। अचानक उसकी मौत की खबर मिलने के बाद परिजन पटना पहुंचे, जहां उन्हें जो परिस्थितियां देखने को मिलीं, उससे वे बेहद आहत और संदेहग्रस्त हो गए। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि उसे योजनाबद्ध तरीके से मारा गया है। इस मामले में परिजनों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में परिजनों ने मुसाहीद रेजा, मुकर्रम रेजा, हॉस्टल के संचालक, वार्डेन खुशबू कुमारी, हॉस्टल इंचार्ज, छात्रा की एक सहेली और अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इन सभी की आपसी मिलीभगत से उनकी बेटी की हत्या की गई। परिजनों ने यह भी कहा है कि हॉस्टल में मौजूद लोगों ने घटना को छिपाने और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। एफआईआर में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है कि छात्रा का शव पुलिस और परिजनों की अनुपस्थिति में हॉस्टल के कमरे के बेड पर रखा गया था। परिजनों का कहना है कि जब घटना के बाद पुलिस पहुंची, तब छात्रा को पुलिस की गाड़ी से ही पीएमसीएच ले जाया गया। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर भी परिजन सवाल उठा रहे हैं कि क्या शव को जानबूझकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर स्थिति को बदला गया, ताकि सच्चाई दबाई जा सके। परिजनों ने बताया कि जब उन्होंने अपनी बेटी का शव और उससे संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग देखी, तब उन्हें पूरा विश्वास हो गया कि उनकी बच्ची की हत्या साजिश के तहत की गई है। उनका कहना है कि शव की स्थिति और शरीर पर मिले संकेतों से यह स्पष्ट होता है कि मामला संदिग्ध है और इसमें कई लोगों की भूमिका हो सकती है। परिजन लगातार पुलिस से सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित जांच नहीं हुई तो दोषी बच सकते हैं और आगे भी ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। गौरतलब है कि पटना में हाल के दिनों में छात्राओं से जुड़े अपराधों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। नीट की छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में अभी भी जांच जारी है। उस मामले में परिजन, सामाजिक संगठन और विपक्ष लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी और सच्चाई सामने लाने के लिए विशेष जांच टीम भी सक्रिय है। इसी बीच अब एक और हॉस्टल में नाबालिग छात्रा की हत्या की खबर से जनता में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई है। इस नई घटना के बाद पटना में गर्ल्स हॉस्टल और पीजी में रह रही छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोग यह पूछ रहे हैं कि क्या राजधानी में बाहरी जिलों से पढ़ाई करने आई छात्राएं सुरक्षित हैं। वहीं, अभिभावकों में भी भय का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि हॉस्टलों में सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड, प्रवेश-निकास की निगरानी और वार्डेन व्यवस्था को और सख्त किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की भूमिका, हॉस्टल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। परिजन न्याय की उम्मीद में प्रशासन से त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मामला अब केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं रहा, बल्कि पटना जैसे बड़े शहर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल बनकर उभरा है।

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