January 23, 2026

बिहार के सरकारी अस्पतालों में 1445 जूनियर रेजिडेंट्स की जल्द होगी बहाली, आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी

पटना। बिहार में एमबीबीएस (चिकित्सा स्नातक) पास कर चुके युवा डॉक्टरों के लिए सरकारी नौकरी पाने का बड़ा अवसर सामने आया है। राज्य के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा बोर्ड (बीसीईसीईबी) ने कुल 1445 पदों पर जूनियर रेजिडेंट (कनिष्ठ चिकित्सक) की बहाली के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी। भर्ती प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन (इंटरनेट के माध्यम से) आवेदन की शुरुआत हो चुकी है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी बीसीईसीई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड की ओर से आवेदन की अंतिम तिथि 2 फरवरी 2026 बताई गई है। हालांकि, भर्ती से जुड़ी विस्तृत समय-सारिणी में ऑनलाइन पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 रात 10 बजे तक दी गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक निर्देशों को ध्यान से पढ़कर समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी या दस्तावेज़ संबंधी त्रुटि से बचा जा सके। इस बहाली को लेकर सबसे अधिक चर्चा वेतन को लेकर हो रही है। जूनियर रेजिडेंट (कनिष्ठ चिकित्सक) पद पर चयनित उम्मीदवारों को सेवा के पहले महीने से ही 65,000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। हालांकि, अधिसूचना के अनुसार इस पद के साथ किसी प्रकार के अतिरिक्त भत्ते (अलाउंस) का प्रावधान नहीं रखा गया है। इसके बावजूद शुरुआती करियर में इतनी राशि को आकर्षक वेतन माना जा रहा है, खासकर उन युवा डॉक्टरों के लिए जो अनुभव के साथ-साथ सरकारी सेवा में स्थायी और सम्मानजनक भविष्य बनाना चाहते हैं। योग्यता की बात करें तो कनिष्ठ चिकित्सक पद पर आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से एमबीबीएस की डिग्री होना अनिवार्य है। साथ ही, उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। आयु सीमा के संबंध में भी बोर्ड ने वर्गवार नियम तय किए हैं। सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि सामान्य वर्ग की महिला उम्मीदवारों को 40 वर्ष तक आवेदन की छूट दी गई है। पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई है। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवार 42 वर्ष तक आवेदन कर सकते हैं। दिव्यांग अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 10 वर्ष की अतिरिक्त छूट प्रदान की गई है। उम्मीदवार की उम्र की गणना 1 अगस्त 2025 के आधार पर की जाएगी। चयन प्रक्रिया को लेकर बताया गया है कि आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक मेरिट सूची (योग्यता सूची) तैयार की जाएगी। इसी मेरिट सूची के आधार पर अभ्यर्थियों को साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए बुलाया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सभी अभ्यर्थियों को 2250 रुपये आवेदन शुल्क के रूप में जमा करना होगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदन शुल्क का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर करना जरूरी होगा, अन्यथा आवेदन प्रक्रिया अधूरी मानी जा सकती है। बोर्ड द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत 16 जनवरी 2026 से हो गई है। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 रात 10 बजे तक तय की गई है। पंजीकरण शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 रात 11:59 बजे तक रखी गई है। आवेदन फॉर्म में सुधार यानी संशोधन (एडिट) की सुविधा 7 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद परामर्श कार्यक्रम (काउंसलिंग प्रोग्राम) की सूची 11 फरवरी 2026 को जारी किए जाने की संभावना है। हालांकि, अभी तक मेरिट सूची जारी होने की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में कनिष्ठ चिकित्सकों की बहाली से बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से मरीजों को समय पर जांच और इलाज मिल सकेगा। साथ ही, ग्रामीण और जिला स्तर के अस्पतालों में भी डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। यह भर्ती जहां एक ओर हजारों युवा डॉक्टरों के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बनेगी, वहीं दूसरी ओर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पहल बिहार में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है।

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