January 23, 2026

विकारों से मुक्त संस्कृति का भाव जागृत करें: विजय सिन्हा

पटना। अखिल विप्र कल्याणम् की ओर से आज आयोजित मकर संक्रांति उत्सव में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय संस्कृति के पोषक विद्या को बढ़ावा मिले, शिक्षा शब्द पाश्चात्य भाव है। 21वीं सदी का भारत विश्वगुरु तभी बनेगा जब हम सभी वसुधैव कुटुंबकम् के भाव से ओत प्रोत हों,तो समाज का हर वर्ग उर्जावान बनता है। शिक्षा नहीं ,विद्या की ओर भाव संस्कारित करें,विकारों से मुक्त ,संस्कृति का भाव जागृत करें। लीक से हटकर चलनेवाले को ही समाज पूजता है। आयोजन ईको पार्क के सामने मंत्री डा दिलीप जायसवाल के आवास पर किया गया। अध्यक्षता अखिल विप्र कल्याणम् के संरक्षक व बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने की। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा अब बिहार में 70 से अधिक मंदिर को सरकार का सहयोग मिलने लगा है। पूरे समाज को जोड़ते रहिये,एक बार जीवन में ज्ञान मिल जाये,फिर यह स्थायी रहता है। परिश्रम के साथ ज्ञान सफलता दिलाती है।हमारी संस्कृति ऐसी रही है कि जिसने मंदिर तोड़ा उसको भी सहयोग किया। भारत फिर से विश्वगुरु, बनने की ओर है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के नेतृत्व में 2005 से बदला है,सड़कें अच्छी बनी, बिजली 24 घंटे मिलती है। हमें जनता को सुशासन देना है,फोकस उद्योग पर है। संस्कृति को तभी बढ़ावा मिलेगा जब संस्कृत भाषा व गुरुकल परंपरा को बढ़ावा मिले। यहां उद्योग लाना है,प्रदेश के बच्चे जो बाहर काम कर रहे,उन्हें यहीं सेमीकंडक्टर आईटी सेक्टर में अच्छी नौकरी मिलेगी। डिफेंस कारिडोर की स्थापना होगी,चूंकि युद्ध को भी ध्यान में रखना जहै। बिहार में संस्कृति को मुख्यधारा में लाना है। विष्णुपद, बुद्ध कारिडोर का विकास होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 माह के भीतर उस नालंदा यूनिवर्सिटी की पुनर्स्थापना की जो बख्तियार खिलजी ने जला दिया था। मुंबई के उद्योगपति खेड़ावाला ने कहा कि संस्कृत को नयी टेक्नोलॉजी से जोड़ा जायेगा। डिजिटल लैंग्वेज लैब की स्थापना हो तभी संस्कृत भाषा की उपयोगिता बढ़ेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विश्वबंधुत्व को आगे बढ़ाने की बात कही,साथ ही माता जानकी का मंदिर पुनौरा धाम, की स्थापना की चर्चा की। इस मौके पर विधायक मृत्युंजय तिवारी, नीतिश मिश्रा,संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष ई आशीष झा, सी आई आई प्रेसीडेंट गौरव साह, बी आई ए के पी एस केसरी, विधान पार्षद निवेदिता सिंह,संस्कृत शिक्षा बोर्ड के सदस्य,श्रीधर पांडेय, चन्द्रांशु मिश्रा, प्रदीप उपाध्याय भी उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत मखाने की माला व पाग से किया गया। विधायक ,पूर्व मंत्री नीरज बबलू ने कहा कि नववर्ष के मौके पर हर समाज के विप्र की सेवा हो। विधान पार्षद हरेन्द्र कुमार ने विद्या,विद्यालय, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय की चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा शब्द का किसने प्रचार किया,यह समझ से परे है। समाज के किसी वर्ग के लोग विद्या का प्रचार करनेवाले विप्र हैं। पथ निर्माण व उद्योग मंत्री डा दिलीप जायसवाल – ने बताया कि पूजा हवन के बाद चूड़ा दही का भोज आयोजित किया गया। इस मौके पर ऋषि पुरस्कार से डा देवनारायण झा,लेखक व वाईस चासंलर,डा ,हरेन्द्र प्रताप, लेखक , प्रो उमेश शर्मा,व्याकरण किताब के लेखक व राजेन्द्र झा को सम्मानित किया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिवेश मिश्रा ने बिहार से जुड़े गीत हां हम बिहारी हैं जी थोड़े संस्कारी हैं जी,मिट्टी को सोना करनेवाले कलाकारी हैं जी,गाकर माहौल को जीवंत कर दिया।

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