समृद्धि यात्रा में सीतामढ़ी पहुचें सीएम, 554 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण, 67 योजना जनता को समर्पित
- नीतीश का लालू पर हमला, कहा- उन्होंने कुछ नहीं किया, खुद हटे तो पत्नी को बनाया मुख्यमंत्री
सीतामढ़ी/पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत सोमवार को सीतामढ़ी जिला विकास गतिविधियों का बड़ा केंद्र बना रहा। बेलसंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 554 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कुल 67 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने न केवल जिले में चल रही योजनाओं की समीक्षा की, बल्कि जनसंवाद के माध्यम से लोगों से सीधा संवाद भी किया। समृद्धि यात्रा के इस चरण को सीतामढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
समृद्धि यात्रा का सीतामढ़ी चरण
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हेलीकॉप्टर से पटना से बेलसंड पहुंचे। जिले में उनके आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बेलसंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है, ताकि आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव आ सके।
554 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 67 योजनाओं को जनता को समर्पित किया। इनमें 346 करोड़ रुपये की लागत से 41 योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जबकि 208.12 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई 26 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। इन योजनाओं में सड़क, पुल, भवन निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और विकास की रफ्तार तेज होगी।
बेलसंड–मीनापुर पथ और आरसीसी पुल का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले 70.89 करोड़ रुपये की लागत से बने बेलसंड–मीनापुर पथ स्थित चंदौली घाट पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल और पहुंच पथ का उद्घाटन किया। यह पुल क्षेत्र के लोगों के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे आवागमन सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर सड़क और पुल किसी भी इलाके के विकास की रीढ़ होते हैं।
विकास के दावों के साथ सियासी हमला
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार की पुरानी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 2005 से पहले राज्य में हालात काफी खराब थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोग शाम के बाद घर से निकलने में डरते थे, पढ़ाई और इलाज की सुविधाएं सीमित थीं और बिजली तथा सड़कों की स्थिति दयनीय थी। इसी क्रम में उन्होंने लालू प्रसाद यादव पर सीधा हमला करते हुए कहा कि पुराने शासनकाल में विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता से हटने के बाद अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना देना उस दौर की राजनीति को दर्शाता है।
शिवहर और अन्य इलाकों में योजनाएं
सीतामढ़ी कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री शिवहर पहुंचे, जहां उन्होंने 58 करोड़ रुपये की लागत से जुड़ी 103 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने बागमती तटबंध का निरीक्षण किया और बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। तटबंध निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए, ताकि भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
शिक्षा और नवाचार पर जोर
मुख्यमंत्री हितनारायण उच्च विद्यालय, चंदौली भी पहुंचे, जहां उन्होंने पर्यावरण आधारित नक्षत्र वाटिका और पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इसी परिसर से उन्होंने जिले की विभिन्न योजनाओं का सामूहिक रूप से उद्घाटन और शिलान्यास किया। यहां उन्होंने बोधायन ऑनलाइन लाइव क्लासेस की भी जानकारी ली। जिलाधिकारी की पहल पर शुरू की गई इस योजना के तहत प्रतिभावान शिक्षक माध्यमिक स्तर के छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से लाइव कक्षाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और समयानुकूल पहल बताया।
विभागवार योजनाओं का विवरण
इस दौरे में भवन निर्माण विभाग की 321.93 करोड़ रुपये की 37 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। स्वास्थ्य विभाग में 6.30 करोड़ की एक योजना, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 8.85 करोड़ की एक योजना और पुल निर्माण निगम में 7.85 करोड़ की एक योजना का शिलान्यास हुआ। वहीं उद्घाटन की बात करें तो पुल निर्माण निगम की 80.44 करोड़ की दो योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग की 2.55 करोड़ की पांच योजनाएं, पथ निर्माण विभाग की 89.32 करोड़ की दो योजनाएं और पुलिस भवन निर्माण निगम की 16.19 करोड़ की छह योजनाएं शामिल रहीं।
जनसंवाद और उम्मीदें
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसंवाद कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से सीतामढ़ी जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आवागमन आसान होगा और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा। सीतामढ़ी में समृद्धि यात्रा का यह चरण विकास और राजनीति, दोनों दृष्टि से अहम रहा। एक ओर जहां सैकड़ों करोड़ की योजनाओं से जिले को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, वहीं मुख्यमंत्री के सियासी बयान ने आगामी राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है।


