January 23, 2026

पटना में सरस्वती पूजा पर नियम सख्त: बिना लाइसेंस वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, सीसीटीवी से रहेगी नजर

पटना। सरस्वती पूजा को लेकर इस बार राजधानी पटना में प्रशासन ने बेहद सख्त और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाई है। जिला प्रशासन और पुलिस ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिना लाइसेंस पंडाल लगाने, अवैध रूप से विसर्जन जुलूस निकालने या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे आयोजन पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी, ताकि पूजा शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त तैयारी
सरस्वती पूजा के मद्देनजर जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में त्योहार के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर तीन चरणों में कार्ययोजना तैयार की गई। इन तीन चरणों में आयोजन से पहले की तैयारी, पूजा के दौरान की निगरानी और विसर्जन के समय की विशेष व्यवस्था शामिल है।
आयोजन से पहले की रणनीति
पूजा से पहले प्रशासन का फोकस तैयारी और रोकथाम पर रहेगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पूजा समितियों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा। बिना लाइसेंस किसी भी पंडाल के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सुनिश्चित करना संबंधित थानाध्यक्ष की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि उनके क्षेत्र में कोई भी अवैध पंडाल न लगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।
पूजा के दौरान सीसीटीवी से कड़ी निगरानी
सरस्वती पूजा के दौरान भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में कैमरे लगाए जाएंगे। प्रशासन की ओर से फ्लैक्स और बैनर के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि हर गतिविधि कैमरे की निगरानी में है। इससे असामाजिक तत्वों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका कम होगी।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर नजर
त्योहारों के दौरान अफवाहें तेजी से फैलती हैं, जो कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। इसे देखते हुए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी भ्रामक पोस्ट, वीडियो या अफवाह पर तुरंत खंडन और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही गुप्त सूचना तंत्र को भी मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सके।
विसर्जन के समय ड्रोन और विशेष टीमें
विसर्जन के समय सुरक्षा को और पुख्ता किया जाएगा। ड्रोन कैमरों की मदद से जुलूस और घाटों की निगरानी की जाएगी, ताकि भीड़ की स्थिति और गतिविधियों पर ऊपर से नजर रखी जा सके। इसके अलावा क्विक रिस्पांस टीम और क्विक मेडिकल रिस्पॉन्स टीम को भी तैनात किया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति में ये टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात को संभालेंगी।
होटल, लॉज और हॉस्टल की जांच
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि सरस्वती पूजा के दौरान शहर के होटल, लॉज और हॉस्टल की नियमित जांच की जाएगी। खासकर छात्रावासों में छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि त्योहारों के दौरान भीड़ और उत्साह के बीच असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए हर संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
असामाजिक तत्वों पर निरोधात्मक कार्रवाई
पूर्व की घटनाओं में शामिल रहे असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऐसे लोगों पर पहले से ही नजर रखेगी, ताकि वे किसी तरह की गड़बड़ी न फैला सकें। प्रशासन ने साफ कहा है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
विसर्जन के बाद सफाई और पर्यावरण पर ध्यान
विसर्जन के बाद नगर निगम द्वारा घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। घाटों की नियमित सफाई, कचरा निष्पादन, प्रकाश व्यवस्था और बैरिकेडिंग की जिम्मेदारी तय एजेंसियों को दी गई है। इसके साथ ही प्लास्टिक मुक्त अभियान पर भी जोर दिया जाएगा। जागरूकता टीमें लोगों को पॉलीथिन और प्लास्टिक के उपयोग से बचने के लिए प्रेरित करेंगी, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
नियम उल्लंघन पर सख्त संदेश
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि बिना लाइसेंस पंडाल लगाने, अवैध जुलूस निकालने या सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी जिम्मेदारी से काम करें।
शांतिपूर्ण और अनुशासित पूजा का लक्ष्य
प्रशासन का उद्देश्य है कि सरस्वती पूजा धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। सुरक्षा, व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण तीनों पहलुओं पर एक साथ ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त रणनीति का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यह पर्व किसी भी तरह की अव्यवस्था या तनाव के बिना मनाया जाए। पटना में सरस्वती पूजा को लेकर इस बार नियम बेहद सख्त कर दिए गए हैं। सीसीटीवी, ड्रोन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों के जरिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। यदि लोग नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें, तो यह त्योहार न केवल श्रद्धा से भरा होगा, बल्कि सुरक्षा और व्यवस्था की मिसाल भी बनेगा।

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