फरवरी में जारी होगी पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त, ई-केवाईसी अनिवार्य, वेबसाइट से चेक करें स्टेटस
नई दिल्ली। देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 21वीं किस्त की राशि सफलतापूर्वक किसानों के खातों में पहुंचने के बाद अब सभी की निगाहें 22वीं किस्त पर टिकी हुई हैं। खास बात यह है कि 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश किया जाना है, ऐसे में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या सरकार बजट से पहले ही किसानों को अगली किस्त का लाभ दे सकती है या नहीं। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 22वीं किस्त के भुगतान को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या अधिसूचना जारी नहीं की गई है। हालांकि, योजना के तय नियमों के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त हर चार महीने में जारी की जाती है। नवंबर 2025 में 21वीं किस्त किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई थी, ऐसे में चार महीने का चक्र फरवरी 2026 में पूरा हो रहा है। इस आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान या बजट के तुरंत बाद किसानों के खातों में 2,000 रुपये की अगली किस्त भेजी जा सकती है।किसानों के बीच इस बार के बजट को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और किसान संगठनों का कहना है कि मौजूदा समय में बढ़ती महंगाई, खाद-बीज की कीमतों और खेती की लागत को देखते हुए सरकार पर किसानों को राहत देने का दबाव है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार बजट में किसानों के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती है। इसी बीच सोशल मीडिया और कयासों के बाजार में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सालाना मिलने वाली 6,000 रुपये की राशि को बढ़ाया जा सकता है। कई किसान संगठनों की मांग है कि इस राशि को बढ़ाकर कम से कम 10,000 या 12,000 रुपये सालाना किया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक राहत मिल सके। हालांकि, इन अटकलों पर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे सभी सवालों का जवाब 1 फरवरी को वित्त मंत्री के बजट भाषण में मिलने की उम्मीद की जा रही है। पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट और पोर्टल पर नजर डालें तो अभी तक 22वीं किस्त के लिए ‘Payment Processed’ का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा है। इसका मतलब साफ है कि भुगतान प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपने जरूरी दस्तावेज और प्रक्रियाएं पूरी कर लें, ताकि अगली किस्त मिलने में किसी तरह की रुकावट न आए।सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बिना ई-केवाईसी के किसी भी लाभार्थी को किस्त जारी नहीं की जाएगी। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें तुरंत पीएम किसान पोर्टल पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। इसके अलावा यह भी जरूरी है कि किसानों का भूमि रिकॉर्ड पोर्टल पर ‘Yes’ दिख रहा हो। भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी या अपडेट न होने की स्थिति में किस्त अटक सकती है। साथ ही किसानों को लाभार्थियों की सूची में अपना नाम दोबारा जांचने की सलाह दी जा रही है। कई बार डेटा अपडेट या सत्यापन के दौरान पात्र किसानों के नाम सूची से हट जाते हैं, जिससे उन्हें किस्त का लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे मामलों में किसान नजदीकी कृषि कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद ले सकते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजनाओं में से एक है, जिसके तहत अब तक करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। योजना का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़ी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है। अब जबकि बजट का समय नजदीक है, देशभर के किसानों की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। क्या बजट से पहले किसानों को 22वीं किस्त की सौगात मिलेगी या बजट में कोई बड़ा ऐलान होगा—यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल, किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी रखें, ताकि किस्त जारी होते ही राशि सीधे उनके खाते में पहुंच सके।


