बेतिया से शुरू हुई सीएम की समृद्धि यात्रा, मीडिया की एंट्री बैन, महिलाओं से किया जनसंवाद
बेतिया/पटना। बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से एक बार फिर अहम दौर की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार से अपनी महत्वाकांक्षी समृद्धि यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण के बेतिया से की। यह यात्रा 24 जनवरी तक चलेगी और पहले चरण में उत्तर बिहार के कुल नौ जिलों को कवर करेगी। इस यात्रा का उद्देश्य जमीनी स्तर पर विकास योजनाओं की समीक्षा, नई परियोजनाओं का उद्घाटन और आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना है।
बेतिया से यात्रा की शुरुआत
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग से हुई। यहां उन्होंने स्पेशल इकोनॉमिक जोन का निरीक्षण किया और उद्योग विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का जायजा लिया। कुमारबाग में लगाए गए लगभग तीन दर्जन स्टॉलों के माध्यम से जिले की औद्योगिक संभावनाओं, निवेश के अवसरों और स्टार्टअप गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। इन स्टॉलों में स्टार्टअप जोन के साथ-साथ लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों से जुड़े प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी गई।
डिप्टी सीएम और मंत्री रहे साथ
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा मौजूद रहे। उनके अलावा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि पूरी यात्रा के दौरान प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर समन्वय बनाए रखा जाएगा, ताकि योजनाओं की समीक्षा और निर्णय प्रभावी तरीके से हो सके।
औद्योगिक संभावनाओं और निवेश पर जोर
कुमारबाग में उद्योग विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉलों में जिले में निवेश की संभावनाओं, रोजगार सृजन और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाएं और बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाए। स्टार्टअप से जुड़े युवाओं और उद्यमियों को सरकार की नीतियों की जानकारी दी गई और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया गया।
182 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन
कुमारबाग के बाद मुख्यमंत्री बेतिया पहुंचे, जहां जिले के लिए 182 करोड़ रुपये की 161 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया। इन योजनाओं में सड़क, भवन, पेयजल, कृषि, उद्योग और सामाजिक कल्याण से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
जीविका दीदियों से संवाद
बेतिया पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों से मुलाकात की और उनके साथ संवाद किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। जीविका से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपने अनुभव, समस्याएं और सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही न हो।
जनसभा और समीक्षा बैठक
बेतिया के बड़ा रमना मैदान में मुख्यमंत्री की जनसभा के लिए विशेष मंच बनाया गया है। यहां वे आम जनता को संबोधित करेंगे और सरकार की उपलब्धियों व भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। इसके साथ ही अधिकारियों के साथ जिला स्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें विकास योजनाओं की प्रगति, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इस बैठक में सात निश्चय योजनाओं पर भी विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।
मीडिया की सीमित एंट्री और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री की यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कई कार्यक्रमों में मीडिया की एंट्री को सीमित रखा गया है, जिसे सुरक्षा और कार्यक्रम की सुचारु व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। यातायात, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
किसानों और युवाओं पर विशेष फोकस
समृद्धि यात्रा के दौरान किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए किसान मेला-सह-यांत्रिकीकरण प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया जा रहा है। इसमें आधुनिक कृषि तकनीक, मशीनरी और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी। युवाओं के लिए स्टार्टअप और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रम भी यात्रा का अहम हिस्सा हैं।
यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
पश्चिम चंपारण के बाद 17 जनवरी को मुख्यमंत्री पूर्वी चंपारण पहुंचेंगे। इसके बाद 19 जनवरी को सीतामढ़ी और शिवहर, 20 जनवरी को गोपालगंज, 21 जनवरी को सीवान, 22 जनवरी को सारण, 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली में इस यात्रा का समापन होगा। हर जिले के लिए एक दिन का समय तय किया गया है, ताकि मुख्यमंत्री जमीनी स्तर पर योजनाओं की स्थिति को करीब से देख सकें।
लंबी परंपरा का हिस्सा है यह यात्रा
समृद्धि यात्रा को मुख्यमंत्री की लगातार चल रही जनसंपर्क यात्राओं की कड़ी माना जा रहा है। यह सिलसिला 2005 में शुरू हुई न्याय यात्रा से जुड़ा हुआ है और अब यह उनकी 17वीं यात्रा के रूप में आगे बढ़ रहा है। सरकार का कहना है कि ऐसी यात्राओं से प्रशासन को जमीनी फीडबैक मिलता है और नीतियों को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है। बेतिया से शुरू हुई मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा को विकास, संवाद और समीक्षा का व्यापक मंच माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह यात्रा उत्तर बिहार के कई जिलों में विकास योजनाओं की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।


