पटना समेत प्रदेश के कई जिलों में चलेगी 160 नई सीएनजी बसें, फरवरी से शुरू होगा परिचालन
पटना। बिहार के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। पटना सहित प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में फरवरी से करीब 160 नई सीएनजी बसों का परिचालन शुरू होने की संभावना है। इन बसों के आने से न केवल शहरों के अंदर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि राज्य के बाहर विभिन्न राज्यों के लिए भी बस सेवाओं का विस्तार होगा। परिवहन विभाग ने बसों की आपूर्ति के लिए हरियाणा की एक कंपनी को ऑर्डर दिया है। परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और नालंदा जैसे जिलों को फरवरी तक ये नई सीएनजी बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन जिलों में बसों के संचालन के साथ-साथ यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और किफायती सफर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता मानी जा रही है। नई बसों के संचालन को प्रभावी बनाने के लिए परिवहन निगम ने बस डिपो के भीतर ही सीएनजी स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके लिए संबंधित गैस कंपनियों से बातचीत चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन स्थापित होने से बसों को ईंधन भरवाने में आसानी होगी और संचालन में देरी कम होगी। साथ ही, सीएनजी के उपयोग से डीजल बसों की तुलना में प्रदूषण भी कम होगा, जिससे पर्यावरण के लिहाज से भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन 160 नई सीएनजी बसों में से 50 बसें बिहार के बाहर 10 राज्यों में चलेंगी। इनमें छत्तीसगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्य शामिल हैं। परिवहन निगम ने दूसरे राज्यों के साथ समन्वय प्रक्रिया तेज कर दी है ताकि बस सेवाओं की शुरुआत समय पर सुनिश्चित हो सके। परिवहन विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के लिए 10 वर्ष पुराने रूट परमिट के नवीकरण की प्रक्रिया चल रही है। वहीं दिल्ली के लिए नए रूटों की सूची अंतिम चरण में है। दिल्ली रूट तय होने के बाद हरियाणा से रूट क्लीयरेंस लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मार्गों पर बस परिचालन को लेकर एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया जा चुका है। हालांकि गुजरात, आंध्रप्रदेश, असम और तेलंगाना से अभी तक बस परिचालन के संबंध में कोई जवाब नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि इन राज्यों से भी अनुमति मिलने पर भविष्य में सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में परिवहन निगम के बेड़े में कुल 884 बसें शामिल हैं। इनमें 266 सीएनजी बसें और 25 इलेक्ट्रिक बसें हैं। परिवहन विभाग द्वारा नए बसों की खरीद को निगम की क्षमता वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है। निगम से जुड़ी जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में परिवहन निगम की बसों से करीब 2 करोड़ 60 लाख यात्रियों ने सफर किया। सरकार का मानना है कि नई बसों के परिचालन से यात्रियों की संख्या में और वृद्धि होगी तथा लंबी दूरी के यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी। परिवहन विभाग के इस फैसले को बिहार में परिवहन सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या और बढ़ाई जाती है, तो राज्य में सार्वजनिक परिवहन का स्वरूप काफी बदला हुआ नजर आ सकता है।


