January 16, 2026

रक्सौल में व्यवसायी के प्रतिष्ठानों और पैतृक आवास पर इनकम टैक्स की छापेमारी, शहर में मचा हड़कंप

रक्सौल। शनिवार की सुबह रक्सौल शहर उस समय चर्चा और हलचल का केंद्र बन गया, जब आयकर विभाग ने एक प्रमुख व्यवसायी के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच हुई इस कार्रवाई ने पूरे शहर को चौंका दिया। आयकर विभाग की टीम ने शहर के जाने-माने व्यवसायी मोहम्मद कलीम के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उनके पैतृक आवास पर एक साथ दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से न सिर्फ संबंधित प्रतिष्ठानों में, बल्कि पूरे शहर में हड़कंप मच गया।
सुबह-सुबह शुरू हुआ छापेमारी अभियान
यह कार्रवाई सुबह के समय उस वक्त शुरू हुई, जब अधिकांश लोग अपने घरों में थे और शहर की गतिविधियां सामान्य से काफी कम थीं। घने कोहरे के कारण दृश्यता भी सीमित थी, लेकिन इसके बावजूद आयकर विभाग की टीम पूरी तैयारी के साथ रक्सौल पहुंची। बताया जाता है कि एक दर्जन से अधिक वाहनों के काफिले के साथ अधिकारी शहर में दाखिल हुए। जैसे ही ये वाहन विभिन्न स्थानों की ओर बढ़े, लोगों को आभास होने लगा कि कोई बड़ी कार्रवाई होने वाली है।
एक साथ कई ठिकानों पर दबिश
आयकर विभाग ने एक साथ कई स्थानों को निशाना बनाया। इसमें आदापुर प्रखंड के विष्णुपुरवा स्थित व्यवसायी का पैतृक आवास, रक्सौल मुख्य पथ पर पंकज चौक के पास स्थित प्रतिष्ठान, तनिष्क शोरूम और लक्ष्मीपुर में स्थित हीरो होंडा शोरूम शामिल हैं। सभी स्थानों को अधिकारियों ने चारों ओर से घेर लिया और प्रवेश-निकास पर निगरानी रखी गई, ताकि जांच के दौरान कोई दस्तावेज या सामग्री बाहर न जा सके।
दस्तावेजों की गहन जांच और पूछताछ
छापेमारी के दौरान आयकर अधिकारियों ने संबंधित प्रतिष्ठानों में मौजूद दस्तावेजों, बही-खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। पंकज चौक स्थित प्रतिष्ठान और तनिष्क शोरूम में कर्मचारियों से पूछताछ की गई और आय-व्यय से जुड़े कागजात खंगाले गए। लक्ष्मीपुर स्थित हीरो होंडा शोरूम में भी पूरे परिसर का निरीक्षण किया गया। वहीं, विष्णुपुरवा स्थित पैतृक आवास पर व्यक्तिगत और व्यावसायिक दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों और कर्मचारियों से भी सवाल-जवाब किए, ताकि सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सके।
शहर में अफवाहों और चर्चाओं का दौर
इस अचानक हुई कार्रवाई की खबर फैलते ही रक्सौल शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। स्थानीय लोग और व्यापारी वर्ग इस बात को लेकर कयास लगाने लगे कि आखिर छापेमारी का कारण क्या हो सकता है। कोई इसे टैक्स चोरी से जोड़ रहा था तो कोई इसे किसी बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला मान रहा था। दिन भर शहर में इसी विषय पर बातचीत होती रही। व्यवसायिक समुदाय में भी एक तरह की चिंता और असहजता देखी गई।
अधिकारियों की चुप्पी, गोपनीयता बरकरार
आयकर विभाग के अधिकारियों ने इस पूरे मामले में फिलहाल चुप्पी साध रखी है। किसी भी अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया कि छापेमारी किन कारणों से की गई है या जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई गोपनीय तरीके से की जा रही है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। इससे शहर में रहस्य और भी गहरा गया है।
व्यवसायिक समुदाय के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की छापेमारी सिर्फ किसी एक व्यक्ति या प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह पूरे व्यवसायिक समुदाय के लिए एक संदेश भी होती है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई इस बात की ओर इशारा करती है कि कर नियमों और वित्तीय अनुशासन का पालन न करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इससे अन्य व्यवसायियों में भी सतर्कता बढ़ी है और लोग अपने-अपने रिकॉर्ड दुरुस्त करने की बात करने लगे हैं।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी के दौरान क्या-क्या महत्वपूर्ण दस्तावेज या जानकारियां सामने आई हैं। यह भी पता नहीं चल पाया है कि किसी प्रकार की आयकर चोरी, संपत्ति से जुड़ी अनियमितता या अन्य वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि हुई है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे। शहर के लोग और कारोबारी वर्ग इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
शहर में बना तनाव और उत्सुकता का माहौल
इस पूरी कार्रवाई के बाद रक्सौल में एक तरह का तनाव और उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि जांच का नतीजा क्या निकलेगा और इसका असर शहर के व्यवसायिक माहौल पर कितना पड़ेगा। फिलहाल आयकर विभाग की टीम अपनी जांच में जुटी हुई है और रक्सौल के नागरिक इस मामले के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।

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