January 16, 2026

जमुई में स्वर्ण व्यवसाई से 50 लाख की लूट, 7 अपराधियों ने वारदात को दिया अंजाम, किया घायल

जमुई। बिहार के जमुई जिले में एक बार फिर अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आए हैं। शहर के व्यस्त इलाके में स्वर्ण व्यवसायी से करीब 50 लाख रुपये की लूट की वारदात ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। हैरानी की बात यह रही कि यह घटना थाने से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर अंजाम दी गई, जिससे पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हथियारबंद अपराधियों ने न सिर्फ लूट की, बल्कि विरोध करने पर व्यवसायी को गंभीर रूप से घायल भी कर दिया।
घटना का स्थान और समय
यह सनसनीखेज वारदात जमुई–मलयपुर मुख्य मार्ग पर आंजन नदी पुल के पास हुई। बताया जा रहा है कि यह इलाका अपेक्षाकृत व्यस्त रहता है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद सात हथियारबंद बदमाशों ने पूरी योजना के साथ इस घटना को अंजाम दिया। घटना शुक्रवार की रात की बताई जा रही है, जब स्वर्ण व्यवसायी अपने नियमित कारोबार के सिलसिले में घर से निकले थे।
कैसे दिया गया लूट की वारदात को अंजाम
पीड़ित स्वर्ण व्यवसायी की पहचान शहर के पुरानी बाजार निवासी 35 वर्षीय विक्रम उर्फ विक्की सोनी के रूप में हुई है। उनके अनुसार, वह थोक में सोना और चांदी का कारोबार करते हैं और रोज की तरह उस दिन भी बाइक से जमुई रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक आंजन नदी पुल के पास पहुंची, तभी दो बाइक पर सवार छह नकाबपोश हथियारबंद बदमाश और एक अपराधी ऑटो से वहां पहुंचा। अपराधियों ने उनकी बाइक को चारों ओर से घेर लिया और हथियार दिखाकर लूटपाट शुरू कर दी।
विरोध करने पर किया हमला
व्यवसायी ने जब लूट का विरोध करने की कोशिश की, तो अपराधियों ने हथियार के वट से उनके सिर पर जोरदार हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही गिर पड़े। इसके बाद अपराधी उनके पास मौजूद करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी और नकदी लूटकर फरार हो गए। पूरी घटना कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई, जिससे आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अपराधी मौके से निकल चुके थे।
पुलिस को सूचना और शुरुआती कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिले के पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। थाना अध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उन्होंने घायल व्यवसायी को तत्काल अस्पताल भिजवाया। अस्पताल पहुंचकर पुलिस अधीक्षक ने घायल का हालचाल जाना और उनसे पूरी घटना की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास जांच शुरू की और संभावित रास्तों पर नाकाबंदी भी की गई।
पुलिस जांच की दिशा
पुलिस का कहना है कि यह लूट पूरी तरह से सुनियोजित प्रतीत होती है। अपराधियों को व्यवसायी की गतिविधियों और उनके पास मौजूद कीमती सामान की जानकारी पहले से रही होगी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय स्तर पर अपराधियों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका रही है।
इलाके में भय और आक्रोश
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय व्यवसायियों और आम लोगों में भय व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जब थाने के इतने पास इस तरह की बड़ी लूट हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कितनी कमजोर है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ समय से जिले में चोरी, लूट और हत्या जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि अपराधियों में पुलिस का डर कम होता जा रहा है। वहीं प्रशासन का दावा है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे की कार्रवाई और उम्मीद
पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जमुई में हुई यह लूट की घटना न केवल एक व्यवसायी पर हमला है, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है। जरूरत है कि प्रशासन ठोस कदम उठाए, ताकि अपराधियों के हौसले पस्त हों और आम लोगों का कानून पर भरोसा बना रहे। जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक इस तरह की घटनाएं लोगों के मन में डर पैदा करती रहेंगी।

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