प्रदेश में शीतलहर का कहर: कई जिलों में रेड अलर्ट, ठंड में बरते विशेष सावधानी
पटना। बिहार इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह और शाम के समय ठंड के साथ-साथ घना कोहरा लोगों की परेशानियों को और बढ़ा रहा है। सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो गई है, वहीं खुले में काम करने वाले मजदूरों और जरूरतमंद लोगों के लिए यह मौसम किसी चुनौती से कम नहीं है। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि फिलहाल प्रदेश को इस कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।
हिमालयी हवाओं से बढ़ी ठिठुरन
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालय क्षेत्र से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण बिहार में ठंड की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। इन ठंडी हवाओं ने प्रदेश के तापमान को तेजी से नीचे गिरा दिया है। खासकर रात के समय ठिठुरन अधिक महसूस की जा रही है। सुबह के समय धूप निकलने में देरी हो रही है, जिससे ठंड का असर पूरे दिन बना रह रहा है। हवा में नमी और कम तापमान के कारण कोहरे की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है।
कई जिलों में तापमान 7 डिग्री से नीचे
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के 16 जिलों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। बांका में 5.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। राजधानी पटना भी ठंड से अछूता नहीं रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा अन्य कई जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को दिन और रात दोनों समय ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
कोल्ड-डे और घने कोहरे का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 32 जिलों में कोल्ड-डे और घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना, पश्चिमी और पूर्वी चंपारण सहित कई जिलों में सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में दृश्यता घटकर महज 10 मीटर तक रह सकती है। यह स्थिति सड़क और रेल यातायात के लिए बेहद खतरनाक मानी जा रही है। वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
आवागमन और जनजीवन पर असर
घने कोहरे और ठंड के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण लोग देर से घरों से निकल रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में सुबह 10 बजे तक कोहरा छाया रहने से सड़क पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
10 जनवरी को भी राहत की उम्मीद नहीं
मौसम विभाग के अनुसार 10 जनवरी को भी ठंड का असर बना रहेगा। उत्तर और दक्षिण-पश्चिमी बिहार में कोल्ड-डे की स्थिति रहने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य बिहार के कुछ जिलों में घने कोहरे का अलर्ट दिया गया है। पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा जैसे जिलों में दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में सुबह और रात के समय विशेष सतर्कता की आवश्यकता होगी।
अगले एक सप्ताह तक ठंड का प्रकोप
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले एक सप्ताह तक प्रदेश में कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। तापमान में बड़े बदलाव की संभावना कम है। हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे ठंड से थोड़ी राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल लोगों को सर्द मौसम के लिए तैयार रहने की जरूरत है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सावधानी जरूरी
इस तरह की कड़ाके की ठंड में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने का खतरा रहता है। ठंड लगने, सर्दी-खांसी, बुखार और सांस की बीमारियों का जोखिम अधिक होता है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें और सुबह-शाम बाहर निकलने से पहले सावधानी बरतें। जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के लिए अलाव और आश्रय की व्यवस्था भी जरूरी है।
प्रशासन और आम लोगों की भूमिका
ठंड और कोहरे के इस दौर में प्रशासन और आम लोगों दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। प्रशासन को जहां राहत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी, वहीं आम नागरिकों को भी सतर्कता बरतनी होगी। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए यात्रा और दैनिक गतिविधियों की योजना बनाना जरूरी है। आने वाले दिनों में जब तक मौसम सामान्य नहीं होता, तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।


