January 16, 2026

राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला, कहा- डबल इंजन की भ्रष्ट सरकारों ने देश को किया तबाह

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा शासित राज्यों पर आक्रामक रुख अपनाते नजर आए हैं। हाल के दिनों में उन्होंने लगातार ऐसे मुद्दे उठाए हैं, जिनके जरिए वे सरकार की नीतियों, कार्यशैली और कथित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शुक्रवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए देशभर में चल रही भाजपा की तथाकथित डबल इंजन सरकारों को निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि इन सरकारों ने आम जनता की जिंदगी को तबाही की ओर धकेल दिया है।
डबल इंजन सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकारें भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और अहंकार का प्रतीक बन चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था ऊपर से नीचे तक एक ऐसे सिस्टम में बदल गई है, जहां आम नागरिक की पीड़ा और समस्याओं की कोई कीमत नहीं रह गई है। उनका कहना था कि गरीब, असहाय, मजदूर और मध्यम वर्ग की जिंदगी इन सरकारों के लिए केवल आंकड़ों तक सीमित रह गई है। विकास के नाम पर एक वसूली तंत्र खड़ा कर दिया गया है, जिसमें जनता पर बोझ बढ़ता जा रहा है, जबकि सत्ता में बैठे लोग और उनके करीबी लाभ उठा रहे हैं।
अंकिता भंडारी मामला और सत्ता का संरक्षण
राहुल गांधी ने उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया, लेकिन आज भी यह सवाल कायम है कि सत्ता का संरक्षण आखिर किस वीआईपी को बचा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि कानून सबके लिए बराबर कब होगा और कब तक प्रभावशाली लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहेगा। राहुल गांधी के अनुसार, ऐसे मामलों में सरकार की चुप्पी और ढिलाई यह संकेत देती है कि न्याय व्यवस्था पर भी दबाव बनाया जा रहा है।
उन्नाव कांड और पीड़ितों की पीड़ा
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव कांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मामला इस बात का उदाहरण है कि सत्ता के घमंड में अपराधियों को कैसे बचाया गया और पीड़िता को न्याय पाने के लिए कितनी भारी कीमत चुकानी पड़ी। उनका आरोप था कि जब सत्ता और अपराध का गठजोड़ हो जाता है, तो आम नागरिक, खासकर महिलाएं और कमजोर वर्ग, सबसे ज्यादा पीड़ित होते हैं। ऐसे मामलों ने देश की न्याय व्यवस्था और कानून के राज पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पेयजल संकट और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे
राहुल गांधी ने इंदौर समेत गुजरात, हरियाणा और दिल्ली में जहरीले और दूषित पानी की सप्लाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कहीं जहरीला पानी पीने से लोगों की मौतें हो रही हैं, तो कहीं दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था का नतीजा है, जहां बुनियादी सुविधाओं पर भी सरकारें ध्यान देने में विफल रही हैं। स्वच्छ पानी जैसी मूल जरूरत भी लोगों को सुरक्षित रूप से उपलब्ध नहीं कराई जा पा रही है।
प्राकृतिक संसाधनों का दोहन और अरावली विवाद
राहुल गांधी ने राजस्थान की अरावली पर्वत माला से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि जहां-जहां अरबपतियों का लालच पहुंचा, वहां नियमों और कानूनों को कुचल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़ काटे जा रहे हैं, जंगल उजाड़े जा रहे हैं और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हो रहा है। इसके बदले जनता को केवल धूल, प्रदूषण और आपदाएं मिल रही हैं। उनका कहना था कि पर्यावरण की अनदेखी आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर रही है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की बदहाली
कांग्रेस नेता ने देश में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने खांसी के सिरप से बच्चों की मौत, सरकारी अस्पतालों में नवजातों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों और सरकारी स्कूलों की गिरती छतों का उदाहरण दिया। राहुल गांधी ने कहा कि ये घटनाएं केवल लापरवाही नहीं हैं, बल्कि भ्रष्टाचार की सीधी मार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुल गिरना, सड़कें धंसना और ट्रेन हादसों में परिवारों का उजड़ना अब आम बात होती जा रही है।
आपदा के बाद औपचारिकता का आरोप
राहुल गांधी का आरोप है कि हर बड़ी दुर्घटना या आपदा के बाद भाजपा सरकारें केवल औपचारिकताएं निभाती हैं। फोटो खिंचवाना, ट्वीट करना और मुआवजे की घोषणा करना ही सरकार की प्रतिक्रिया बनकर रह गई है। उनके अनुसार, स्थायी समाधान और जवाबदेही तय करने की बजाय सरकार केवल तात्कालिक कदम उठाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती है।
डबल इंजन का फायदा किसे
अपने बयान के अंत में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उनका डबल इंजन मॉडल केवल अरबपतियों के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आम भारतीय के लिए यह मॉडल विकास का नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और तबाही की रफ्तार बन चुका है, जो हर दिन किसी न किसी की जिंदगी को कुचल रहा है। राहुल गांधी के इस बयान को आगामी राजनीतिक लड़ाई और सरकार पर बढ़ते विपक्षी दबाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

You may have missed