January 16, 2026

गुजरात में एक के बाद एक महसूस किए गए भूकंप के 7 झटके, लोगों में फैली दहशत

नई दिल्ली। गुजरात के राजकोट जिले में शुक्रवार सुबह भूकंप के एक के बाद एक झटकों ने आम जनजीवन को हिला कर रख दिया। जेतपुर, धोराजी, उपलेटा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने बार-बार धरती के हिलने का अनुभव किया। अचानक आए इन झटकों से लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों की ओर भागने लगे। लगातार झटकों के कारण पूरे इलाके में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया।
एक के बाद एक दर्ज हुए सात झटके
इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च के अनुसार, शुक्रवार सुबह गुजरात के इस क्षेत्र में कुल सात भूकंप के झटके दर्ज किए गए। सबसे पहला और तेज झटका सुबह 6:19 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.8 मापी गई। इसके बाद सुबह 8:34 बजे तक अलग-अलग समय पर छह और झटके दर्ज किए गए। लगातार झटकों के कारण लोगों को यह डर सताने लगा कि कहीं कोई बड़ा भूकंप न आ जाए। हालांकि, तीव्रता कम होने के बावजूद बार-बार झटके महसूस होना लोगों के लिए मानसिक रूप से काफी परेशान करने वाला साबित हुआ।
भूकंप का केंद्र और गहराई
आईएसआर की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी भूकंपों का केंद्र मुख्य रूप से उपलेटा से 27 से 30 किलोमीटर दूर पूर्व-उत्तरपूर्व दिशा में स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन से लगभग 6.1 किलोमीटर से 13.6 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। कम गहराई पर आने वाले भूकंप अक्सर सतह पर ज्यादा महसूस होते हैं, इसी वजह से इन झटकों को आसपास के कई इलाकों में साफ तौर पर महसूस किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि कम तीव्रता होने के बावजूद उथले भूकंप लोगों में ज्यादा डर पैदा कर देते हैं।
रात में भी महसूस हुआ था भूकंप
इन झटकों से पहले भी इसी क्षेत्र में गुरुवार रात 8:43 बजे 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। रात के समय आए इस झटके ने पहले ही लोगों को सतर्क कर दिया था। जब सुबह फिर से एक के बाद एक झटके महसूस हुए, तो लोगों की चिंता और बढ़ गई। लगातार दो दिनों में भूकंप की गतिविधि बढ़ने से यह चर्चा भी शुरू हो गई कि क्या यह किसी बड़े भूकंप का संकेत हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने फिलहाल ऐसी किसी आशंका से इनकार किया है।
डरे लोग घर छोड़कर खुले स्थानों में पहुंचे
भूकंप के झटकों के दौरान जेतपुर, धोराजी और उपलेटा पंथक के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए घरों में रहने के बजाय बाहर निकलना ही बेहतर समझा। कई लोग सड़कों पर आ गए, तो कई खेतों और खुले मैदानों में जमा हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे और पुराने मकानों की संख्या अधिक होने के कारण लोगों को इमारत गिरने का डर सताने लगा। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में खास तौर पर भय देखा गया। कुछ स्थानों पर लोग घंटों तक बाहर ही बैठे रहे।
प्रशासन की सतर्कता और निगरानी
लगातार भूकंप के झटकों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भूकंप से किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है, जो राहत की बात है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही, भूकंप के दौरान और बाद में सुरक्षा से जुड़ी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
भूकंप के प्रति गुजरात की संवेदनशीलता
गुजरात भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील राज्यों में गिना जाता है। राज्य के कई हिस्से भूकंप संभावित क्षेत्रों में आते हैं। वर्ष 2001 में आए भुज भूकंप की भयावह यादें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं। इसी कारण जब भी भूकंप के झटके महसूस होते हैं, तो लोगों में डर स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गुजरात में समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। हालांकि, लगातार झटकों की स्थिति में सतर्क रहना बेहद जरूरी होता है।
लोगों के बीच डर और जागरूकता की जरूरत
भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय लोगों में घबराहट फैलना सामान्य है, लेकिन सही जानकारी और जागरूकता से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भूकंप के दौरान मजबूत टेबल या पलंग के नीचे बैठना, खुले स्थान की ओर जाना और बिजली के खंभों या पेड़ों से दूर रहना चाहिए। गुजरात में आए इन झटकों ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि आपदा से निपटने की तैयारी और जागरूकता कितनी जरूरी है।
राहत की बात, नुकसान की कोई सूचना नहीं
लगातार सात झटकों के बावजूद अब तक किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। यह क्षेत्रवासियों के लिए राहत की खबर है। प्रशासन और वैज्ञानिक संस्थान स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल हालात सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन लोगों के मन में डर अभी भी बना हुआ है। उम्मीद की जा रही है कि आगे कोई बड़ा झटका नहीं आएगा और स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

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