प्रदेश में कड़ाके की ठंड: 15 जिलों में तापमान 6 डिग्री से नीचे, हजार से अधिक बच्चे बीमार
पटना। बिहार में इन दिनों ठंड ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही लगातार बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी राज्यों तक पहुंच गया है। पहाड़ों से बहकर आ रही पछुआ हवाएं अपने साथ बर्फीली ठंड लेकर बिहार में प्रवेश कर रही हैं। दिन-रात चल रही इन ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है और लोग हाड़ कंपाने वाली ठंड झेलने को मजबूर हैं।
15 जिलों में तापमान 6 डिग्री से नीचे
राज्य के मौसम आंकड़े इस बार चिंता बढ़ाने वाले हैं। 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है। सबसे ठंडा जिला गयाजी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा भागलपुर, किशनगंज, छपरा, शेखपुरा और सबौर जैसे इलाकों में भी तापमान बेहद नीचे बना हुआ है। राजधानी पटना सहित 36 जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति देखी गई, जबकि दरभंगा में भीषण कोल्ड डे दर्ज किया गया।
घना कोहरा और कनकनी ने बढ़ाई परेशानी
सुबह के समय प्रदेश के अधिकांश इलाकों में 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। दिन में कहीं-कहीं हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन तेज पछुआ हवा के कारण कनकनी बनी रही। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों तक ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।
भागलपुर में ठंड से मौत की घटना
कड़ाके की ठंड के बीच भागलपुर से एक दुखद खबर सामने आई है। मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के गुरहट्टा चौक पर शुक्रवार सुबह एक व्यक्ति का शव मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ठंड लगने के कारण उसकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि ठंड अब जानलेवा साबित होने लगी है, खासकर गरीब और असहाय लोगों के लिए।
बच्चों पर ठंड का सबसे ज्यादा असर
इस भीषण ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। राजधानी पटना में पिछले सात दिनों के भीतर 1000 से अधिक बच्चे विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे हैं। इनमें से 400 से ज्यादा बच्चों को हालत गंभीर होने पर भर्ती करना पड़ा। इलाज के दौरान पीएमसीएच में दो और आईजीआईएमएस में एक बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों के अनुसार, 6 महीने से 15 साल तक के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
कोल्ड डायरिया और निमोनिया का बढ़ता खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि करीब 20 प्रतिशत बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में हैं। इसके अलावा निमोनिया के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों में लगातार उल्टी, दस्त, पेट में मरोड़, बलगम वाली खांसी, तेज बुखार, ठंड लगना और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। ठंड और नमी के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे छोटे बच्चों की स्थिति ज्यादा नाजुक हो जाती है।
स्कूलों को बंद करने का फैसला
बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है। पटना और नालंदा में आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि वैशाली में दसवीं तक के स्कूल 11 जनवरी तक बंद रहेंगे। बेगूसराय, मुंगेर, सुपौल, भोजपुर और भागलपुर में आठवीं तक के स्कूल 10 जनवरी तक बंद हैं। बांका में 12 जनवरी और बक्सर में 13 जनवरी तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और आगे का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण ठंडी पछुआ हवाएं बिहार तक पहुंच रही हैं। इसके चलते न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। अगले चार दिनों में तापमान में और गिरावट की आशंका जताई गई है। कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है और इसके लिए अलर्ट भी जारी किया जा सकता है।
अलग-अलग जिलों का तापमान हाल
गयाजी में जहां न्यूनतम तापमान 4.5 और अधिकतम 19.8 डिग्री रहा, वहीं शेखपुरा में अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री दर्ज किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 14.9 और न्यूनतम 9.1 डिग्री सेल्सियस रहा। विक्रमगंज और सबौर जैसे इलाकों में भी शीतलहर जैसी स्थिति देखी गई है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
बच्चों को ठंड से बचाने के उपाय
डॉक्टरों ने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं। कोल्ड डायरिया से बचाव के लिए हाथों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। छह माह तक के बच्चों को केवल स्तनपान कराना चाहिए। नियमित टीकाकरण निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में मददगार होता है। छह माह से बड़े बच्चों को पौष्टिक और हल्का गर्म भोजन देना चाहिए, जैसे सूप या दलिया। बंद नाक और सीने में जकड़न की स्थिति में डॉक्टर की सलाह से भाप देना लाभकारी हो सकता है।
फिलहाल राहत के आसार नहीं
बिहार इस समय भीषण ठंड की गिरफ्त में है। घना कोहरा, बर्फीली हवाएं और गिरता तापमान जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहकर जरूरी एहतियात बरतने की जरूरत है।


