बिहार में पहाड़ों जैसी ठंड: शीतलहर का कहर, पटना में दिन में शाम जैसा नजारा, समस्तीपुर सबसे ठंडा
पटना। बिहार में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है और ठंड ने पहाड़ी इलाकों जैसा एहसास करा दिया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर, घना कोहरा और पछुआ हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। राजधानी पटना से लेकर उत्तर और दक्षिण बिहार के जिलों तक सुबह के समय ऐसा दृश्य देखने को मिल रहा है, मानो दिन में ही शाम उतर आई हो। कोहरे की चादर और ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।
कोहरे का व्यापक असर और अलर्ट
शनिवार की सुबह पटना, समस्तीपुर, जहानाबाद सहित करीब 21 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों में कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, कोहरे का असर खासकर सुबह और रात के समय ज्यादा देखने को मिल रहा है। दृश्यता काफी कम हो जाने के कारण सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोगों को दिन में भी वाहन की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।
समस्तीपुर सबसे ठंडा जिला
राज्य में ठंड का सबसे ज्यादा असर समस्तीपुर में देखने को मिला है, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से काफी नीचे है, जिससे जिले में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। कोहरे और पछुआ हवा के दोहरे प्रभाव ने ठंड को और बढ़ा दिया है। सुबह के समय खुले इलाकों में ठिठुरन साफ महसूस की जा रही है।
मौसम का पूर्वानुमान और राहत की उम्मीद
केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अनुसार, 7 जनवरी तक मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रह सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी जिले में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब यह है कि दिन के तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं होगी और धूप निकलने पर लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट संभव है।
ऑरेंज और यलो अलर्ट की स्थिति
मौसम विभाग ने राज्य के 15 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं पटना समेत 23 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ा है, इसी कारण कोल्ड डे की स्थिति नहीं बन रही है।
दिन और रात के तापमान का अंतर
मौसम विभाग का कहना है कि पछुआ हवाओं की गति कम होने से दिन के तापमान में स्थिरता बनी हुई है। हालांकि साफ आसमान और शांत मौसम के कारण रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है। इसी वजह से सुबह के समय घना कोहरा छा रहा है। अगले 24 से 48 घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का असर बना रहेगा।
पटना में स्कूलों पर ठंड का असर
राजधानी पटना ठंड की चपेट में है और इसका सीधा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई 5 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। इस आदेश में प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल हैं। पांचवीं से ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक किया जाएगा। हालांकि प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षा से जुड़ी विशेष कक्षाओं और परीक्षाओं को इस आदेश से मुक्त रखा गया है।
अन्य जिलों का मौसम हाल
छपरा में शनिवार सुबह से ही कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। यहां न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम तापमान 28 डिग्री रहने का अनुमान है, हालांकि अन्य दिनों की तुलना में आज कोहरा कुछ कम है। नालंदा में घना कोहरा छाया हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। बिहार शरीफ में दृश्यता करीब 30 मीटर तक सिमट गई है, जबकि राजगीर में मौसम अपेक्षाकृत साफ बना हुआ है।
गयाजी और पहाड़ी प्रभाव
पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर बिहार तक पहुंच रहा है। पछुआ हवा के तेज होने से गया जिले में ठंड बढ़ गई है। यहां न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। ठंडी हवाओं के साथ कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। शनिवार सुबह पटना में भी घना कोहरा छाया रहा और सड़कों पर चलने वाले वाहनों को खास सतर्कता बरतनी पड़ी। बिहार में इस समय पहाड़ों जैसी ठंड का अनुभव हो रहा है। कोहरा, पछुआ हवा और गिरते तापमान ने आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। हालांकि दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंड से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है। आने वाले दिनों में मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है, ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।


