January 7, 2026

बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का सर्वर ठप, ई-केवाईसी में समस्या, बुजुर्गों को हो रही परेशानी

पटना। बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े लाखों लाभार्थियों को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वर में आई तकनीकी खराबी के कारण ई-केवाईसी और लाइफ सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया बाधित हो गई है। इसका सीधा असर वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन पाने वाले बुजुर्गों पर पड़ रहा है, जो ठंड के मौसम में भी बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का महत्व
बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना राज्य के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लिए एक अहम सहारा है। वृद्ध, विधवा और दिव्यांग नागरिकों को हर महीने मिलने वाली पेंशन उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है। कई लाभार्थियों के लिए यही पेंशन दवा, भोजन और अन्य जरूरी खर्चों का एकमात्र साधन है। ऐसे में पेंशन से जुड़ी किसी भी तरह की रुकावट सीधे उनके जीवन को प्रभावित करती है।
सर्वर खराबी से ठप पड़ी प्रक्रिया
पिछले कुछ समय से सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े ई-लाभार्थी पोर्टल और SSPMIS पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इन पोर्टलों के सर्वर में लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण ई-केवाईसी और जीवन प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया रुक गई है। पेंशन जारी रखने के लिए लाभार्थियों का लाइफ सर्टिफिकेशन अनिवार्य है, लेकिन सर्वर ठप होने से यह जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
लाभार्थियों की बढ़ती परेशानी
राज्य के कई जिलों में वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारी रोजाना सीएससी और वसुधा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। ठंड के मौसम में भी बुजुर्ग सुबह से शाम तक लाइन में लगने को मजबूर हैं, लेकिन सर्वर काम न करने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। कई लाभार्थी दूर-दराज के गांवों से आते हैं, जिससे उन्हें समय और पैसे दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अफवाहों से बढ़ी चिंता
सर्वर की समस्या के बीच यह अफवाह भी फैल गई है कि ई-केवाईसी और जीवन प्रमाण पत्र बनाने की कोई अंतिम तिथि तय कर दी गई है। इस अफवाह के कारण लाभार्थियों में और ज्यादा घबराहट देखी जा रही है। हालांकि विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल प्रक्रिया जारी है और किसी तरह की सख्त डेडलाइन नहीं लगाई गई है। बावजूद इसके, तकनीकी दिक्कतों के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
सीएससी और वसुधा केंद्रों की स्थिति
दिसंबर महीने से विभाग ने सीएससी और वसुधा केंद्रों को पेंशनधारियों की केवाईसी और लाइफ सर्टिफिकेशन करने की अनुमति दी है, ताकि लाभुकों को सहूलियत मिल सके। लेकिन सर्वर की लगातार खराबी ने इस व्यवस्था को लगभग बेकार बना दिया है। केंद्र संचालकों का कहना है कि उन्हें अधिकृत तो कर दिया गया है, लेकिन तकनीकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। कई केंद्रों पर सर्वर केवल सुबह दो बजे से पांच बजे तक ही काम करता है, उसके बाद पूरी तरह ठप हो जाता है। यही हाल जिले के अन्य प्रखंडों में भी देखने को मिल रहा है।
पेंशन भुगतान पर असर
ई-केवाईसी और जीवन प्रमाण पत्र नहीं बनने का सीधा असर पेंशन राशि के हस्तांतरण पर पड़ रहा है। जिन लाभार्थियों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है, उनकी पेंशन अटकने की आशंका बढ़ गई है। पेंशन रुकने का मतलब है कि बुजुर्गों को दवा, भोजन और अन्य आवश्यक चीजों के लिए दूसरों पर निर्भर होना पड़ेगा। यह स्थिति सामाजिक सुरक्षा योजना के मूल उद्देश्य पर ही सवाल खड़े करती है।
मोबाइल से जीवन प्रमाण की सुविधा
विभागीय गाइडलाइन के अनुसार यदि फेस ऑथेंटिकेशन संभव नहीं हो पा रहा है, तो फिंगरप्रिंट के जरिए भी पेंशनधारियों का सत्यापन किया जा सकता है, बशर्ते फिंगरप्रिंट डिवाइस उपलब्ध हो। चेहरा या फिंगरप्रिंट सफलतापूर्वक सत्यापित होने के बाद स्क्रीन पर पेंशनर का पूरा विवरण दिखाई देता है। जानकारी सही होने पर सबमिट करते ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण जनरेट हो जाता है, जिसमें एक प्राण आईडी दी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल फोन से घर बैठे भी की जा सकती है, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण कई बार यह विकल्प भी काम नहीं कर पा रहा है।
सरकार और विभाग से उम्मीद
लाभार्थियों को उम्मीद है कि सरकार और संबंधित विभाग जल्द से जल्द सर्वर की समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े अधिकतर लाभार्थी बुजुर्ग और कमजोर वर्ग से आते हैं, जिनके लिए तकनीकी दिक्कतें समझना और झेलना आसान नहीं है। जरूरत इस बात की है कि तकनीकी ढांचे को मजबूत किया जाए और केंद्रों पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी लाभार्थी की पेंशन न रुके।
समस्या का समाधान जरूरी
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि मानवीय भी है। ठंड के मौसम में बुजुर्गों को बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाना पड़ना एक गंभीर चिंता का विषय है। यदि समय रहते सर्वर की खराबी दूर नहीं की गई, तो इसका असर लाखों परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा। इसलिए यह जरूरी है कि विभाग इस समस्या को प्राथमिकता से हल करे, ताकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना वास्तव में जरूरतमंदों के लिए सहारा बनी रहे।

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