January 7, 2026

पटना में बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन पर पांच गाड़ियों की टक्कर, हादसे में सात घायल, दो की हालत गंभीर

पटना। बख्तियारपुर–मोकामा फोरलेन पर शुक्रवार तड़के हुआ सड़क हादसा एक बार फिर यह दिखाता है कि ठंड के मौसम में जरा-सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। घने कोहरे और तेज रफ्तार के कारण पांच वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें सात लोग घायल हो गए। इस घटना ने न सिर्फ यातायात व्यवस्था पर असर डाला, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए।
हादसे का समय और स्थान
यह दुर्घटना शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे मोकामा थाना क्षेत्र के मोर गांव के पास हुई। सुबह के समय कोहरा इतना घना था कि फोरलेन पर विजिबिलिटी बेहद कम हो गई थी। सड़क पर आगे-पीछे चल रहे वाहन एक-दूसरे को ठीक से देख नहीं पा रहे थे। इसी दौरान अचानक हुई टक्कर ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।
कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फोरलेन पर अचानक एक वाहन ने ब्रेक लगाया। घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे वाहन चालक समय पर स्थिति को समझ नहीं सके और एक के बाद एक वाहन आपस में टकराते चले गए। देखते ही देखते यह मामूली टक्कर एक बड़े हादसे में बदल गई। हादसे में एक इनोवा कार, एक ट्रक-ट्रॉली, दो मोटरसाइकिल और एक यात्री बस शामिल हो गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों तक लोग सहम गए।
घायल हुए लोगों की स्थिति
इस दुर्घटना में कुल सात लोग घायल हुए हैं। इनमें से बस चालक और एक बाइक सवार की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं बस में सवार पांच यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। इन यात्रियों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। बस पटना से बेगूसराय जा रही थी और उसमें काफी संख्या में यात्री सवार थे।
ग्रामीणों की भूमिका
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सड़क पर चीख-पुकार मची हुई थी और कई लोग मदद के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। ग्रामीणों ने घायलों को वाहनों से बाहर निकाला और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी। समय पर ग्रामीणों की मदद मिलने से घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
सूचना मिलते ही मोकामा थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया और घायलों को इलाज के लिए भेजा। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को फोरलेन से हटाकर यातायात बहाल किया गया। कुछ समय के लिए सड़क पर जाम की स्थिति बन गई थी, लेकिन पुलिस की तत्परता से यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया। पुलिस ने सभी क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है।
हादसे की संभावित वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में घना कोहरा और तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। ठंड के मौसम में सुबह के समय फोरलेन पर अक्सर कोहरा छा जाता है, जिससे वाहन चालकों को दूरी का सही अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में यदि गति नियंत्रित न हो तो दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इस हादसे में भी यही कारण सामने आया है।
ठंड के मौसम में बढ़ते सड़क हादसे
बिहार में इन दिनों ठंड और कोहरे के कारण सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर हाईवे और फोरलेन सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन कोहरे में सबसे ज्यादा खतरा पैदा करते हैं। आए दिन अलग-अलग जिलों से दुर्घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं, जो यह बताती हैं कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना कितना जरूरी है।
पुलिस की अपील
इस घटना के बाद पुलिस ने वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कोहरे के समय वाहन की गति धीमी रखें, फॉग लाइट का सही तरीके से इस्तेमाल करें और आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इसके अलावा ओवरटेक करने से बचें और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
बख्तियारपुर–मोकामा फोरलेन पर हुआ यह हादसा एक चेतावनी है कि आधुनिक और चौड़ी सड़कों के बावजूद यदि सावधानी नहीं बरती गई तो दुर्घटनाएं टाली नहीं जा सकतीं। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जान नहीं गई, लेकिन यह घटना भविष्य के लिए सबक जरूर है। जरूरत है कि चालक सतर्क रहें और प्रशासन भी सड़क सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठाए, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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