मरीन ड्राइव से नाबालिक का बरामद, पुल से गिरकर मौत की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
पटना। सिटी के आलमगंज थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब मरीन ड्राइव के पिलर नंबर 112 के बेसमेंट से एक नाबालिग बच्चे का शव बरामद किया गया। यह घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है, जब स्थानीय लोगों ने बेसमेंट में पड़े शव को देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही आलमगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं।
मृतक की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
पुलिस जांच में मृतक की पहचान 13 वर्षीय आकाश कुमार के रूप में हुई है। आकाश आलमगंज थाना क्षेत्र के दक्षिणी गली स्लम एरिया का निवासी था। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है और आकाश अपने माता-पिता के साथ ही रहता था। परिजनों के अनुसार, आकाश रोज की तरह घर के आसपास खेलने निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिवार को यह अंदेशा भी नहीं था कि उसका इस तरह से शव बरामद होगा।
शव मिलने की परिस्थितियां
स्थानीय लोगों ने बताया कि गुरुवार देर रात कुछ लोगों की नजर मरीन ड्राइव के पिलर नंबर 112 के नीचे बने बेसमेंट पर पड़ी, जहां एक बच्चे का शव दिखाई दे रहा था। शुरुआत में लोग घबरा गए और पास जाने से हिचकिचाए। बाद में उन्होंने इसकी जानकारी आलमगंज थाना पुलिस को दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बेसमेंट को सुरक्षित कर शव को बाहर निकलवाया। इसके बाद पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद ली गई।
पुलिस का प्रारंभिक आकलन
आलमगंज थाना प्रभारी राहुल कुमार ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला हादसे का प्रतीत हो रहा है। पुलिस का अनुमान है कि नाबालिग बच्चा मरीन ड्राइव पुल से गिर गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया गया कि आकाश का घर घटनास्थल से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर है। संभव है कि वह खेलने या घूमने के दौरान पुल के पास चला गया हो और असंतुलित होकर नीचे गिर गया हो। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
पोस्टमॉर्टम को लेकर परिवार की आशंका
पुलिस के अनुसार, शुरुआत में मृतक के परिजन पोस्टमॉर्टम कराने को लेकर राजी नहीं थे। परिवार का कहना था कि उन्हें किसी तरह की साजिश या आपराधिक घटना की आशंका नहीं है और वे इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा मान रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समझाया कि पोस्टमॉर्टम कराना जरूरी है, ताकि मौत के कारणों को स्पष्ट किया जा सके और भविष्य में किसी तरह की शंका न रहे। पुलिस की बात मानते हुए बाद में परिवार पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। मरीन ड्राइव और उसके आसपास कई स्थानों पर निगरानी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आकाश आखिरी बार कब और किस हालत में वहां पहुंचा था। फुटेज से यह भी स्पष्ट हो सकता है कि वह अकेला था या उसके साथ कोई और भी मौजूद था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
परिजनों का बयान और पुलिस को सहयोग
मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया है कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं था और न ही उन्हें किसी प्रकार की दुश्मनी की जानकारी है। परिवार का कहना है कि आकाश एक सामान्य बच्चा था, जो अक्सर आसपास के बच्चों के साथ खेलता था। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने परिजनों से सहयोग की अपील की है और आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
इलाके में फैली चर्चा और चिंता
इस घटना के बाद मरीन ड्राइव और आसपास के इलाकों में दहशत और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीन ड्राइव के कुछ हिस्सों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने मांग की है कि पुल के आसपास सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी बोर्ड और निगरानी को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि मौत गिरने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी तरह की संदिग्ध बात सामने आती है, तो मामले को दूसरे एंगल से भी देखा जाएगा। फिलहाल इसे एक संभावित हादसा मानते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


