पटना पुलिस और कुख्यात अपराधी में मुठभेड़: दोनों तरफ से हुई फायरिंग, पुलिस ने पैर में मारी गोली
पटना। पटना में शुक्रवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पटना एसटीएफ और खगौल थाना पुलिस की कुख्यात अपराधी मैनेजर राय से मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ खगौल थाना क्षेत्र के खगौल लख के पास हुई, जहां दोनों ओर से फायरिंग की गई। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान करीब छह राउंड गोलियां चलीं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने अपराधी के पैर में गोली मारकर उसे काबू में कर लिया। घायल अपराधी को तुरंत इलाज के लिए पटना एम्स भेजा गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सूचना के आधार पर की गई घेराबंदी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मैनेजर राय लंबे समय से पटना पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस पर हत्या, रंगदारी, लूट और अन्य संगीन मामलों के करीब 20 केस दर्ज हैं। कुछ मामलों में वह वांटेड भी चल रहा था और उस पर इनाम भी घोषित किया गया था। शुक्रवार सुबह पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मैनेजर राय खगौल इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही एसटीएफ और खगौल थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।
पुलिस को देखते ही अपराधी ने की फायरिंग
जैसे ही पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, मैनेजर राय ने पुलिस को देख लिया और भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने उसे रुकने और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने स्कूटी छोड़कर भागते हुए पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस के अनुसार, मैनेजर राय ने दो राउंड फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली अपराधी के पैर में लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा।
मौके से हथियार और कारतूस बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके अलावा पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के भी घटनास्थल पर पहुंचने की सूचना है। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अपराधी का कोई सहयोगी आसपास मौजूद न हो।
कुख्यात अपराधी का आपराधिक इतिहास
घायल अपराधी की पहचान दीदारगंज निवासी मैनेजर राय के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मैनेजर राय का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। वह वर्ष 2022 में खगौल थाना क्षेत्र में हुए डॉ. मो. अनवर आलम हत्याकांड में शामिल रहा है। इसके अलावा उस पर रंगदारी, हत्या की कोशिश, लूट और अवैध हथियार रखने जैसे कई संगीन आरोप दर्ज हैं। बताया जाता है कि उसने बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के दामाद से भी रंगदारी की मांग की थी, जिसके बाद उसका नाम और अधिक चर्चा में आया था।
पुलिस अधिकारियों का बयान
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि मैनेजर राय एक बड़ा अपराधी है और लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को इनपुट मिला था कि वह खगौल इलाके में घूम रहा है। इसके बाद रणनीति के तहत पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की। जांच के दौरान अपराधी ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया। एसएसपी ने यह भी कहा कि अपराधी की हालत स्थिर है और उससे पूछताछ के बाद कई अन्य मामलों का खुलासा हो सकता है।
इलाके में दहशत और सुरक्षा व्यवस्था
मुठभेड़ की खबर फैलते ही खगौल और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। कुछ देर के लिए लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए सुरक्षा बढ़ा दी और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
बेगूसराय में नक्सली मुठभेड़ का जिक्र
गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले बुधवार की शाम बेगूसराय में भी एसटीएफ और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। यह मुठभेड़ तेघड़ा थाना क्षेत्र के नोनपुर गांव के पास हुई थी, जिसमें 50 हजार रुपये के इनामी नक्सली को मार गिराया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उस मुठभेड़ में दोनों ओर से 20 से अधिक राउंड गोलियां चली थीं। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि बिहार पुलिस अपराधियों और नक्सलियों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है।
अपराध के खिलाफ सख्ती का संदेश
पटना में हुई इस मुठभेड़ को पुलिस की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। एक कुख्यात अपराधी के पकड़े जाने से न सिर्फ कई मामलों की जांच को गति मिलेगी, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होगा। पुलिस का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके।


