पटना समेत पूरे प्रदेश में शुरू हुई ठंड: कई जिलों में 10 डिग्री तापमान, विभाग का अलर्ट जारी
पटना। बिहार में नवंबर महीने की शुरुआत से ही ठंड बढ़ने लगी है और अब यह तेजी से अपना असर दिखा रही है। राजधानी पटना सहित पूरे राज्य में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष अक्टूबर के अंत में ही तापमान सामान्य से नीचे जाना शुरू हो गया था और नवंबर में ठंड ने अपना तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। कई जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री के नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों को नवंबर में ही जनवरी जैसी ठिठुरन महसूस हो रही है।
रात और दिन के तापमान में बड़ा अंतर
राज्य भर में इस समय सबसे स्पष्ट अंतर रात और दिन के तापमान में देखा जा रहा है। दिन के समय हल्की धूप निकलने से अधिकतम तापमान 26 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, लेकिन रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह तापमान गिरावट हवा की दिशा और गति, स्थानीय नमी और बादलों की उपस्थिति पर निर्भर करती है। रात में साफ आसमान और शांत हवाएँ तापमान को और नीचे ले जाती हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
आईएमडी ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में बताया है कि नवंबर के बाकी दिनों में सुबह और शाम की ठंड बनी रहेगी। तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। दिन के तापमान में मामूली वृद्धि या कमी हो सकती है, जबकि रात के समय ठंड का प्रभाव अधिक बना रहेगा। विभाग ने यह भी कहा है कि राज्य के कई हिस्सों में रात का तापमान 11 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दिन का तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
कोहरा और दृश्यता में कमी
सुबह के समय हल्के कोहरे का असर राज्य के कई जिलों में देखा जा रहा है। विशेष रूप से पूर्णिया में दृश्यता घटकर 800 मीटर तक पहुंच गई, जिससे वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम सेवा केंद्र ने आने वाले दिनों में सुबह और शाम के समय धुंध छाने की संभावना व्यक्त की है। कोहरे के कारण दृश्यता में कमी होना सामान्य माना जाता है, लेकिन यदि ठंड और बढ़ती है तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
हवा की गुणवत्ता में गिरावट
ठंड के साथ-साथ बिहार में वायु प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। पटना सहित कई बड़े शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार और शुक्रवार की रात में शहर के कई इलाकों में AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे खराब स्थिति एयरपोर्ट क्षेत्र में देखी गई, जहां AQI 237 तक पहुंच गया। इसके अलावा गांधी मैदान के आसपास भी हवा की गुणवत्ता खराब रही और AQI 210 दर्ज किया गया। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
तापमान में लगातार गिरावट
पिछले चार-पांच दिनों से बिहार में रात का तापमान लगातार नीचे जा रहा है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे शाम ढलते ही ठंड अपने चरम पर पहुंच जाती है। लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकिचाने लगे हैं और गर्म कपड़ों के उपयोग में तेजी आई है। दुकानों और बाजारों में भी ऊनी वस्त्रों की मांग बढ़ी है।
स्थानीय कारण और मौसम की स्थिति
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में हवा की गति कम होने और आसमान साफ रहने के कारण ठंड अधिक महसूस हो रही है। स्थानीय नमी और रात के समय होने वाली रेडिएशन लॉस की वजह से तापमान तेजी से नीचे जा रहा है। इसी कारण सुबह-सुबह धुंध की चादर छाई रहती है और लोग ठंडी हवाओं से परेशान होते हैं।
राज्य सरकार की तैयारियाँ
ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले में आग जलाने वाले स्थानों, अलाव और रैन बसेरों की तैयारी भी कई शहरों में शुरू की जा रही है ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके।
आने वाले दिनों की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले एक सप्ताह तक बिहार में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव होगा, परंतु ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा। रात के तापमान में और गिरावट संभव है, जबकि दिन की धूप लोगों को कुछ राहत दे सकती है। हालांकि हवा की खराब गुणवत्ता और धुंध के कारण स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है। बिहार में इस बार नवंबर महीना ही कड़ाके की ठंड लेकर आया है। मौसम विभाग की चेतावनियों और गिरते तापमान को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। ठंड, धुंध और प्रदूषण—इन तीनों का संयुक्त प्रभाव एक चुनौतीपूर्ण मौसम बना रहा है, जिस पर राज्य प्रशासन और नागरिकों दोनों को ध्यान देना होगा।


