January 17, 2026

प्रदेश में 4 दिसंबर के बाद पड़ेगी कड़ाके की ठंड, पूर्वानुमान जारी, पटना में हल्की सर्दी का एहसास

पटना। नवंबर की शुरुआत के साथ ही बिहार में सर्दी ने दस्तक दे दी है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है, जबकि दिन में धूप के कारण गर्माहट बनी हुई है। राजधानी पटना समेत अधिकांश जिलों में ओस और हल्की धुंध ने सर्द मौसम का एहसास करा दिया है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहेगा, लेकिन 4 दिसंबर के बाद राज्य में ठंड में अचानक तेजी आएगी और कड़ाके की सर्दी का असर पूरे प्रदेश में महसूस किया जाएगा।
नवंबर में हल्की सर्दी, दिसंबर में बढ़ेगी ठंडक
मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर माह में बिहार के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रहेगा। अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। हालांकि, राज्य के कुछ ऊँचे और पश्चिमी जिलों—जैसे रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और किशनगंज—में रात के तापमान में अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहां न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। नवंबर के महीने में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे हवा में नमी कम रहेगी और मौसम शुष्क बना रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ से तय होगी सर्दी की तीव्रता
बिहार में ठंड की तीव्रता पश्चिमी विक्षोभ पर निर्भर करती है। यह एक मौसमीय प्रणाली है जो पश्चिमी एशियाई देशों से चलकर भारत के उत्तरी भागों में आती है और यहां ठंड बढ़ाने का काम करती है। पिछले वर्ष दिसंबर तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हो पाया था, जिसके कारण सर्दी सामान्य से हल्की रही थी। लेकिन इस वर्ष मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिसंबर के पहले सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने लगेगा। इसके प्रभाव से बिहार के अधिकांश जिलों में ठंड तेजी से बढ़ेगी और सुबह-शाम के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी।
सुबह और रात में बढ़ेगी ठंड, दिन में रहेगा उतार-चढ़ाव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल दिन के समय सूरज की तेज किरणें तापमान को नियंत्रित कर रही हैं, लेकिन जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, दिन का तापमान भी सामान्य से कम होने लगेगा। इस बदलाव के साथ ही रात और सुबह के समय ठंडक और अधिक महसूस होगी। राज्य के उत्तरी और पश्चिमी भागों में कोहरा और ओस की मात्रा बढ़ने लगेगी, जिससे दृश्यता पर असर पड़ेगा।
प्रदूषण बनेगा बड़ी चुनौती
सर्दी के साथ ही बिहार में वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने की संभावना है। ठंड के मौसम में हवा की गति धीमी हो जाती है और उसमें नमी बढ़ जाती है, जिसके कारण धूलकण और प्रदूषक तत्व वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बिहार के कई जिलों में एक्यूआई 350 से 400 के बीच पहुंच सकता है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम
बिहार स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं। निर्माण कार्यों को ढककर करने का निर्देश दिया गया है ताकि धूलकण हवा में न फैलें। पटना समेत कई शहरों में सड़कों की सफाई वैक्यूम क्लीनर से की जा रही है और नियमित पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है। साथ ही सड़क पर बालू या गिट्टी फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। ये सभी उपाय ठंड के मौसम में बढ़ती धूल और प्रदूषण को कम करने के लिए जरूरी हैं।
स्वास्थ्य पर पड़ेगा ठंड का असर
सर्दी का असर केवल वातावरण पर नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। ठंड के मौसम में हाइपोथर्मिया, कार्डियक अरेस्ट, ब्रेन हेमरेज, सर्दी-जुकाम और अस्थमा जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते हैं। ठंड में शरीर की धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और बुजुर्गों में ब्रेन हेमरेज या दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। बीपी के मरीजों में खून गाढ़ा हो जाने से थक्का बनने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है। इसलिए डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोगियों को सलाह दी है कि वे ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें।
कृषि पर सर्दी का प्रभाव
ठंड का मौसम किसानों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण होता है। रबी फसलों की बुवाई नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत में होती है, ऐसे में पर्याप्त ठंड उनकी पैदावार के लिए लाभदायक होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर दिसंबर और जनवरी में ठंड पर्याप्त मात्रा में पड़ी तो गेहूं, चना, मसूर और खेसारी जैसी फसलों की उपज बेहतर होगी। वहीं ठंड के साथ-साथ नमी का संतुलन भी जरूरी है, जिससे फसलों में रोग और कीटों का असर कम हो।
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अधिक ठंड की संभावना
पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बिहार में ठंड अधिक पड़ेगी। इसका कारण है पश्चिमी विक्षोभ की बढ़ी हुई गतिविधि और उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं। इससे दिसंबर के दूसरे सप्ताह से लेकर जनवरी के मध्य तक राज्य में ठिठुरन भरी सर्दी पड़ सकती है। बिहार में सर्दी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है और दिसंबर के बाद इसका असर और तीव्र होगा। पटना सहित अधिकांश जिलों में सुबह-शाम की ठंडक फिलहाल राहतभरी लग रही है, लेकिन आने वाले हफ्तों में यह ठंड कई चुनौतियाँ भी लेकर आएगी—चाहे वह स्वास्थ्य से जुड़ी हो या वायु प्रदूषण से। हालांकि किसानों के लिए यह मौसम शुभ संकेत लेकर आया है, क्योंकि पर्याप्त ठंड रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। मौसम विभाग की मानें तो 4 दिसंबर के बाद राज्य में कड़ाके की सर्दी शुरू हो जाएगी, जिससे लोगों को अब गर्म कपड़ों और एहतियाती उपायों की तैयारी कर लेनी चाहिए।

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