February 17, 2026

अररिया में युवाओं से बोले तेजस्वी, कहा- ये लोग जीतने के लिए ईवीएम गड़बड़ करेंगे, आप लोग अलर्ट रहिएगा

  • तेजस्वी यादव का हमला, कहा- इनकी ए टीम और बी टीम भी है, लालटेन जलाना होगा तब जाकर सरकार बनेगी

अररिया/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को अररिया में आयोजित एक जनसभा में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव ने बीजेपी और एनडीए गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बूथों पर चौकन्ने रहें, क्योंकि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए ईवीएम में गड़बड़ी करा सकती है। तेजस्वी ने कहा कि “ये लोग वोट चोरी करते हैं, प्रशासन को दबाव में रखते हैं और बहाने बनाते हैं कि ईवीएम खराब हो गया है। आप लोग अलर्ट रहिए और अपने वोट की हिफाजत कीजिए।”
युवाओं और मतदाताओं से सीधी अपील
अररिया की भीड़ को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने का नहीं, बल्कि बिहार की दिशा बदलने का चुनाव है। उन्होंने कहा, “हम आपके लिए रोजगार, शिक्षा और सम्मान का बिहार बनाना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप लोग एकजुट रहें और बंटने न दें। बीजेपी की ए टीम और बी टीम दोनों मौजूद हैं, जिनका मकसद विपक्ष के वोटों को बांटना है। अगर आप एकजुट रहे, तो इस बार लालटेन फिर से जल उठेगी।” उन्होंने युवाओं से कहा कि बूथों पर वोट डालने के बाद भी सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि सत्ताधारी दल प्रशासनिक मशीनरी का गलत फायदा उठाने की कोशिश करता है। तेजस्वी बोले, “इन लोगों की साजिश रहती है कि वोटिंग धीमी कर दी जाए ताकि लोग ऊबकर लौट जाएं। लेकिन आप मतदाताओं को प्रेरित करें कि जब तक मतदान खत्म न हो, डटे रहें। इस बार बिहार की जनता उन्हें करारा जवाब देगी।”
गरीबी और बेरोजगारी पर बोले तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या गरीबी और बेरोजगारी है, जिसे अब खत्म करने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा, “बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है, यहां प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है। नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही, किसान परेशान हैं, और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। अब इस सरकार को बदलना ही होगा।” उन्होंने लोगों से कहा कि यह चुनाव सिर्फ किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य के लिए है। “हमारी लड़ाई गरीबी, अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। हम चाहते हैं कि बिहार में अब विकास की नई कहानी लिखी जाए। हमें सिर्फ 20 महीने दीजिए, हम ऐसा बिहार बना देंगे जहां किसी को रोजगार या पढ़ाई के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा।”
‘हर घर में नौकरी’ का वादा
सभा के दौरान तेजस्वी यादव ने अपने चुनावी वादों को दोहराते हुए कहा कि सरकार बनते ही सबसे पहला काम बेरोजगारी खत्म करने का होगा। उन्होंने कहा, “हम कानून बनाएंगे कि जिस घर में कोई सरकारी नौकरी नहीं है, उस घर को सरकार नौकरी देगी। इसके अलावा, हमारी सरकार 14 जनवरी को सभी माताओं और बहनों के खातों में एकमुश्त 30 हजार रुपये डालेगी।” तेजस्वी ने कहा कि यह वादा सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि बिहार के गरीब परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम होगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार आएगी तो कोई युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार के साथ रोजगार सृजन पर प्राथमिकता दी जाएगी।”
प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए पर हमला
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि वे बिहार को “रिमोट कंट्रोल” से चला रहे हैं। उन्होंने कहा, “बिहार की सरकार अब दिल्ली से रिमोट से चल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब फैसले नहीं लेते, सब कुछ दिल्ली से तय होता है। बिहार को ऐसी सरकार की जरूरत है जो बिहार के लोगों के लिए काम करे, न कि किसी के इशारे पर।” उन्होंने आगे कहा, “बीजेपी और आरएसएस की सोच बिहार के विकास के खिलाफ है। ये लोग नफरत की राजनीति करते हैं, समाज को बांटते हैं। हमें इस बार इनसे बिहार को मुक्त कराना है।”
महिलाओं और प्रवासियों से भी की अपील
इस दौरान तेजस्वी ने बिहार की महिलाओं से भी अपील की कि वे महागठबंधन को वोट दें। उन्होंने कहा कि “मां-बहनें इस बार अपने घर के भविष्य के लिए वोट करें। हमारी सरकार बनते ही महिलाओं के खातों में 30 हजार रुपये भेजे जाएंगे। हम महिला शिक्षा और रोजगार के लिए विशेष नीति लाएंगे।” उन्होंने प्रवासी मजदूरों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि “जब कोरोना के दौरान लोग भूखे-प्यासे सड़कों पर पैदल चल रहे थे, तब बिहार सरकार सो रही थी। हम ऐसी व्यवस्था करेंगे कि किसी को भी अपने गांव छोड़ने की मजबूरी न हो।”अररिया की इस जनसभा में तेजस्वी यादव का भाषण पूरी तरह चुनावी रणनीति और जनभावना पर केंद्रित रहा। उन्होंने एक ओर युवाओं को सतर्क रहने की अपील की, तो दूसरी ओर रोजगार, गरीबी और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। तेजस्वी की इस सभा ने यह संदेश दिया कि वे इस चुनाव में “युवा बनाम सत्ता” की लड़ाई के रूप में अपनी भूमिका देख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह रणनीति बिहार की जनता के दिल तक कितनी पहुंच पाती है और क्या लालटेन की लौ एक बार फिर सत्ता के गलियारे तक रोशनी फैला पाती है।

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