प्रदेश में ‘मोन्था’ तूफान के असर से बदला मौसम, कई जिलों में बारिश, पटना में हुई बूंदाबांदी
पटना। बिहार में हाल के दिनों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात मोन्था के कारण हुआ है, जिसने राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति उत्पन्न कर दी है। सोमवार और मंगलवार से ही आसमान में बादल छाने लगे थे, लेकिन बुधवार की सुबह गोपालगंज, आरा, सुपौल और भागलपुर में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के साथ मौसम में स्पष्ट परिवर्तन दिखाई पड़ा। राजधानी पटना में भी सुबह से काले बादल छाए रहे और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
चक्रवात का निर्माण और दिशा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मोन्था नामक इस चक्रवात का निर्माण बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में हुआ था, जो धीरे-धीरे संगठित होता जाकर तूफान का रूप ले लिया। मंगलवार की सुबह यह तूफान आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट से टकराया, जहां इसकी रफ्तार लगभग 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की थी। तट से टकराने के बाद इसकी तीव्रता में कुछ कमी आई, परंतु यह हवा के दबाव और नमी के साथ उत्तर-पूर्व दिशा की ओर आगे बढ़ने लगा। मौसम विभाग का कहना है कि यह तूफान अब ओडिशा और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों से गुजरते हुए कमजोर होकर झारखंड और बिहार की ओर बढ़ेगा। जब यह बिहार पहुंचेगा, तब इसका स्वरूप एक निम्न दाब क्षेत्र के रूप में होगा, लेकिन इसके प्रभाव से राज्य में बारिश और तेज हवा का दौर जारी रहेगा।
बिहार में बारिश और चेतावनी
मौसम विभाग ने 30 और 31 अक्टूबर को पूरे बिहार में मौसम के बदले स्वरूप की चेतावनी जारी की है। विशेषकर 30 अक्टूबर को राज्य के सात जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 31 अक्टूबर को पटना समेत पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है और बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसी स्थिति में आम लोगों को सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी गई है।
तूफान का नाम और उसके मायने
मोन्था नाम थाइलैंड द्वारा दिया गया है। थाई भाषा में मोन्था का अर्थ सुगंधित फूल होता है। मौसम विज्ञान के अनुसार चक्रवातों के नाम अलग-अलग देशों द्वारा सुझाए जाते हैं, और यह नाम सूचीबद्ध क्रम में दिए जाते हैं। इस बार की बारी थाइलैंड की थी, इसलिए तूफान को यह नाम दिया गया।
किसानों पर असर और आवश्यक सतर्कता
तूफान और बारिश का सबसे अधिक प्रभाव कृषि पर पड़ता है। मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सलाह जारी की है कि वे अपनी तैयार खरीफ फसलों को जल्द काटकर सुरक्षित स्थान पर रख लें। खेतों में या खुले में रखा अनाज भीगकर खराब हो सकता है, इसलिए उसे ढक कर सुरक्षित किया जाना जरूरी है। इसके अलावा, सब्ज़ी वाली फसलों की सिंचाई कुछ दिनों के लिए रोक देने की सलाह दी गई है ताकि अधिक नमी से फसलें प्रभावित न हों।
आम जनता के लिए सावधानियां
भारी बारिश और बिजली गिरने की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। घर में सुरक्षित रहना अधिक उचित है। मोबाइल फोन और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग सावधानी से करना चाहिए। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों और चेतावनियों का पालन जरूरी है।
बारिश के बाद ठंड का असर
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बारिश के बाद राज्य में तापमान में गिरावट होगी और हल्की सर्दी महसूस की जाने लगेगी। उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में इसका प्रभाव अधिक दिख सकता है। मोन्था तूफान ने बिहार के मौसम में बदलाव ला दिया है। लोग सतर्कता बरतें, किसानों को फसलों की सुरक्षा की ओर ध्यान देना चाहिए और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए स्थिति का सामना करना चाहिए।


