January 29, 2026

पटना में रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 20 मिनट में इंटीरियर जलकर खाक, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

पटना। पटना में सोमवार देर रात एक बड़ी घटना का गवाह बना जब पाटलिपुत्र गोलंबर के पास स्थित इको कैफे एंड रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग लग गई। आधी रात करीब 12 बजे हुई इस घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। रेस्टोरेंट के अंदर लगी आग इतनी तेजी से फैली कि मात्र 15 से 20 मिनट में वहां का इंटीरियर पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
आग लगते ही मची अफरातफरी
जैसे ही कैफे से धुंआ और लपटें उठने लगीं, आसपास के लोग और पास की दुकानों के कर्मचारी घबराकर बाहर निकल आए। हादसे के वक्त कैफे के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। लेकिन, देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए और सड़क पर भीड़ लग गई।
दमकल की तत्परता
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 15 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। लोद्दीपुर अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अजीत कुमार ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर आग बुझाने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। दमकल कर्मियों की तेज कार्रवाई की वजह से आग कैफे के बाहर और आसपास की दुकानों या इमारतों तक फैलने से पहले ही नियंत्रित कर ली गई। हालांकि, आग बुझाने में करीब 45 मिनट का समय लगा।
इंटीरियर का भारी नुकसान
इको कैफे एंड रेस्टोरेंट को आधुनिक अंदाज में सजाया गया था। अंदर आलीशान इंटीरियर और फर्नीचर स्थापित किए गए थे। लेकिन आग की लपटों ने महज 20 मिनट में सबकुछ राख में बदल दिया। दीवारों से लेकर सजावट का सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स तक कुछ भी बचा नहीं। रेस्टोरेंट का सारा इंटीरियर हिस्सा पूरी तरह खत्म हो गया।
आग के कारणों की जांच
अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग कैसे लगी। शॉर्ट सर्किट, गैस लीकेज या किसी अन्य तकनीकी कारण से आग फैली, इस पर जांच की जाएगी। फायर अधिकारी अजीत कुमार ने कहा कि कैफे में फायर सेफ्टी से जुड़े नियमों का अनुपालन कितना हुआ था और क्या कैफे के पास फायर डिपार्टमेंट से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) था, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
आसपास के लोगों की प्रतिक्रिया
आसपास के सोनी मोटर्स और अन्य प्रतिष्ठानों के कर्मचारी इस घटना से दहशत में आ गए। वे तुरंत इमारत से बाहर निकलकर सड़क पर आ गए। कुछ लोग मोबाइल में वीडियो बनाने लगे तो कुछ ने मदद करने की कोशिश की। सबका यही कहना था कि अगर दमकल कर्मचारी देर से आते तो नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था।
गनीमत से टली बड़ी घटना
चूंकि हादसा देर रात हुआ और उस समय कैफे बंद था, इस वजह से बड़ी जनहानि नहीं हुई। लेकिन अगर यह घटना दिन में होती जब कैफे में लोग मौजूद रहते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। यही कारण है कि घटना ने लोगों का ध्यान फायर सेफ्टी के महत्व पर भी केंद्रित कर दिया है।
भविष्य के लिए सबक
यह हादसा पटना जैसे शहर में बढ़ते वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एक चेतावनी है कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन कितनी सख्ती से करना जरूरी है। पटना में हाल के वर्षों में रेस्टोरेंट और कैफे की संख्या तेजी से बढ़ी है। लेकिन क्या सभी जगह अलार्म सिस्टम, फायर हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास की सुविधा है, यह सवाल उठने लगा है।
प्रशासन की ओर से सख्ती
फायर विभाग ने साफ किया है कि इस घटना की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि कैफे के पास फायर लाइसेंस या एनओसी नहीं मिला तो मालिक पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पटना के इको कैफे एंड रेस्टोरेंट में लगी इस आग ने दिखा दिया है कि लापरवाही और फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस बार गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन इंटीरियर और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। घटना ने प्रशासन और कारोबारियों दोनों को यह सीख दी है कि अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। वरना एक छोटी सी चिंगारी एक बड़े हादसे में बदल सकती है।

You may have missed