पटना में करंट लगने से दो युवकों की दर्दनाक मौत, तार के चपेट में आने से हुआ हादसा
पटना। बिहटा इलाके में रविवार देर रात घटी एक दर्दनाक घटना ने क्षेत्र को शोक और स्तब्धता में डाल दिया। करंट की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई। यह हादसा न केवल परिवारों के लिए गहरा सदमा लेकर आया, बल्कि स्थानीय लोगों के मन में सुरक्षा व्यवस्था और बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर सवाल भी खड़ा कर गया।
घटना का स्थान और समय
यह हादसा बिहटा थाना क्षेत्र के पैनाठी रोड पर बंसी टोला के पास हुआ। देर रात जब गांव में शांति का माहौल था, उस दौरान अचानक इस तरह की घटना ने वहां अफरा-तफरी मचा दी। ग्रामीणों के अनुसार, रास्ते के पास एक खेत में गिरे हुए 440 वोल्ट के तार ने घटना को अंजाम दिया।
मृतकों की पहचान
इस दारुण हादसे में दो युवकों ने अपनी जान गंवाई। उनमें से एक राकेश कुमार था जो बिहटा थाना क्षेत्र के बहपुरा गांव का रहने वाला था। दूसरा मृतक लक्ष्मण कुमार मनेर थाना क्षेत्र के सराय गांव का निवासी था। दोनों अच्छे दोस्त थे और रोजाना की तरह आपस में मिलकर अपने-अपने घर लौट रहे थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
हादसे की शुरुआत
घटना उस समय हुई जब लक्ष्मण कुमार खेत में शौच के लिए गया था। वहां अचानक उसका पैर खुले तार से छू गया। तार में तेज करंट दौड़ रहा था और वह तत्काल झुलसकर गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद उसका दोस्त राकेश कुमार बिना कुछ सोचे-समझे उसकी जान बचाने भागा, लेकिन दुर्भाग्यवश वह भी उसी तार की चपेट में आ गया। इस तरह मदद करने की कोशिश ने एक और जिंदगी को लील लिया।
स्थानीय लोगों की कोशिश
जब आसपास के लोगों को शोर सुनाई दिया, वे घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से दोनों को बिजली के तार से अलग किया। आनन-फानन में दोनों को बिहटा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन करंट का असर इतना गहरा था कि डॉक्टरों ने काफी कोशिश करने के बाद भी उन्हें बचा नहीं पाए। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई और परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिजनों का आक्रोश और शोक
घटना की जानकारी मिलते ही दोनों युवकों के परिवारों में कोहराम मच गया। घरों में मातम का माहौल छा गया। मृतक लक्ष्मण कुमार के परिजन उसके शव को तत्काल अपने घर ले गए। वहीं, राकेश कुमार के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। परिवारजन लगातार बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर नाराजगी जता रहे थे। उन्हें लगता है कि समय रहते तार की मरम्मत की गई होती तो आज उनके परिवार के सदस्य जिंदा रहते।
पुलिस की कार्रवाई
जैसे ही सूचना स्थानीय थाने तक पहुंची, थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों मृतकों की परिस्थितियों की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि एक परिवार शव को अपने साथ ले गया जबकि दूसरे युवक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने आगे जांच कर रिपोर्ट तैयार करने की बात कही।
ग्रामीणों की नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार टूटे या लटकते बिजली तार की शिकायत बिजली विभाग से की गई थी, लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस लापरवाही ने दो मासूम जिंदगियां छीन लीं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोग इस बात से चिंतित भी हैं कि यदि समय पर तारों की मरम्मत और देखरेख नहीं की गई तो भविष्य में और भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।
हादसे का असर
दो युवाओं की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। दोनों ही अपने परिवारों के सहारा थे। राकेश और लक्ष्मण की दोस्ती गांव में मिसाल मानी जाती थी। लोग उनके अचानक चले जाने से सदमे में हैं। रिश्तेदार और ग्रामवासी यह कहते नहीं थकते कि एक की मदद करते हुए दूसरे की जान जाना वाकई दिल दहलाने वाला है।
सुरक्षा और सतर्कता का सवाल
इस हादसे ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गांव-देहात में बिजली की तारों और खंभों की ठीक तरह से देखभाल क्यों नहीं हो पाती। आए दिन खुले तार या गिरे हुए बिजली के तार लोगों की जिंदगी पर खतरा बनते जा रहे हैं। जिम्मेदार विभाग अगर नियमित निरीक्षण और सुधार का काम ठीक ढंग से करे तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। बिहटा में हुआ यह हादसा एक दर्दनाक चेतावनी है कि थोड़ी-सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी साबित हो सकती है। दो परिवारों के सपने हमेशा के लिए बुझ गए, गांव में मातम का माहौल है और सभी की जुबान पर सिर्फ यही सवाल है कि काश यह घटना टल जाती। अब जरूरत है कि इस हादसे से सबक लिया जाए और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए ताकि आगे किसी और परिवार को यूं न रोना पड़े।


