January 29, 2026

बेतिया में नवविवाहिता की गला दबाकर हत्या, पति गिरफ्तार, ससुराल वाले फरार

बेतिया। बेतिया में दहेज प्रताड़ना का एक भयावह मामला सामने आया है। चनपटिया थाना क्षेत्र के चुहड़ी, मिस्कार टोला में एक नवविवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान 22 वर्षीय सनकेसी कुमारी के रूप में हुई है, जो सिरिसिया भागड़वा की रहने वाली थी। घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मृतका के पति शिवम कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य ससुराल वाले फरार हैं। इस घटना ने दहेज प्रथा के खिलाफ सवाल खड़े कर दिए हैं और पीड़ित परिवार में शोक और गुस्से का माहौल है।
दहेज प्रताड़ना की कहानी
परिजनों ने आरोप लगाया है कि सनकेसी की शादी इसी साल 30 अप्रैल को शिवम कुमार से हुई थी। शादी के समय ससुराल वालों को 18 लाख रुपये दहेज दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद उन्हें संतोष नहीं हुआ। कुछ ही समय बाद अतिरिक्त दो लाख रुपये की मांग की जाने लगी। रकम न देने पर सनकेसी को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का शिकार बनाया गया। परिवार का कहना है कि उसे ताने दिए जाते थे, मारपीट की जाती थी और उसका मनोबल तोड़ा जाता था। आखिरकार रविवार को अत्याचार चरम पर पहुँच गया और ससुराल वालों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
घटना का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही चनपटिया थाना पुलिस मौके पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और मृतका के पति शिवम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, अन्य आरोपियों – भसुर सत्यम कुमार, गोतनी रेखा देवी और सास – को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि फरार आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और उन्हें सख्त सजा दिलाई जाएगी।
परिजनों का दुख और गुस्सा
मृतका के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता केदार साह और अन्य परिजन इस घटना को लेकर गहरे सदमे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दहेज की लालच में उनकी बेटी की जान ले ली गई। वे न्याय की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। क्षेत्र में भी लोगों में गुस्सा है और वे इस घटना को समाज के लिए कलंक बता रहे हैं। कई लोगों ने दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने और सख्त कानून लागू करने की मांग की है।
दहेज प्रथा के खिलाफ सख्त कदम की जरूरत
यह घटना एक बार फिर दहेज प्रथा के घातक प्रभावों को उजागर करती है। कानून भले ही दहेज पर रोक लगाता हो, लेकिन समाज में इसकी जड़ें अब भी गहरी हैं। आर्थिक लोभ और सामाजिक दबाव के चलते ऐसी घटनाएँ सामने आती रहती हैं। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दहेज के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए, पीड़ितों को सुरक्षा दे और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाए। साथ ही, समाज को भी चाहिए कि वह विवाह को आर्थिक सौदे के बजाय आपसी सम्मान और प्रेम पर आधारित रिश्ते के रूप में देखे। बेतिया में नवविवाहिता सनकेसी कुमारी की दहेज प्रताड़ना के चलते हत्या ने समाज की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। परिवार का आरोप है कि शादी के समय दिए गए भारी दहेज के बावजूद अतिरिक्त पैसे की मांग की गई और प्रताड़ना के बाद उसकी जान ले ली गई। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। पूरे क्षेत्र में गहरा शोक और गुस्सा है। यह घटना समाज को झकझोरने वाली है और दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता और सख्त कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करती है। न्याय मिलना ही पीड़ित परिवार और समाज दोनों के लिए जरूरी है।

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