किशनगंज में नवविवाहिता के साथ गैंगरेप, सात लोगों ने की हैवानियत, पुलिस ने किया गिरफ्तार
किशनगंज। किशनगंज में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नवविवाहिता के साथ सात लोगों ने गैंगरेप जैसी हैवानियत की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना बिहार के किशनगंज जिले के गलगलिया थाना क्षेत्र में घटित हुई, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, अपराधियों ने महिला को निशाना बनाकर न केवल उसके साथ दरिंदगी की बल्कि उसके साथ गए नाबालिग भतीजे को भी पीटा और उसका मोबाइल छीन लिया।
घटना कैसे हुई
मिली जानकारी के अनुसार, 9 सितंबर को पीड़िता अपने नाबालिग भतीजे के साथ आदिवासी मेला देखकर लौट रही थी। दोनों बेसरबाटी के रास्ते से गुजर रहे थे तभी सात लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने पहले छेड़छाड़ शुरू की और विरोध करने पर भतीजे की पिटाई कर दी। साथ ही उसका मोबाइल छीन लिया। इसके बाद महिला को जबरन खींचकर पास के चाय बागान में ले जाया गया। वहां आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और करीब तीन घंटे तक उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते रहे। बाद में महिला बेहोश हो गई, तब आरोपियों ने उसके गहने भी लूटे और मौके से फरार हो गए।
पीड़िता की हालत और शिकायत
घटना के बाद महिला को बेहोशी की हालत में छोड़ दिया गया। भतीजा किसी तरह दौड़कर घर पहुँचा और परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए। बुधवार की सुबह पीड़िता को बेहोशी की हालत में पाया गया और इलाज के बाद गुरुवार शाम को थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पीड़िता ने महिला पुलिस अधिकारी के सामने बयान दर्ज कराया, जिसमें उसने पूरी घटना विस्तार से बताई।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर हाथीडुब्बा गलगलिया से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान राजेश टुडु, सुपल मुर्मु, संतोष टुडु, सकल टुडु, बुद्धलाल टुड्डु, बुद्धलाल हासदा उर्फ दारा सिंह हासदा और सुशांत दास के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि इनमें से तीन आरोपियों के नाम पहले से दर्ज थे, जबकि चार अन्य की पहचान जांच के दौरान हुई। मेडिकल जांच के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उनके खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
एसपी सागर कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटना की पुष्टि कर ली है और 36 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को गंभीर अपराधों पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह मामला न केवल महिला की सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और अपराध पर भी ध्यान आकर्षित करता है।
समाज के लिए संदेश
इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाएगी। साथ ही समाज को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है ताकि अपराधियों पर लगाम लगाई जा सके। यह घटना एक चेतावनी है कि महिलाओं के साथ अपराध रोकने के लिए प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा। इस तरह किशनगंज की यह घटना न केवल अपराध की भयावहता को उजागर करती है बल्कि यह भी बताती है कि त्वरित पुलिस कार्रवाई और समाज की जागरूकता से न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है।


