नेपाल में हिंसा के बाद बिहार में अलर्ट जारी, सात जिलों के बॉर्डर सील, सुरक्षाबलों की कड़ी निगरानी
पटना। नेपाल में प्रधानमंत्री ओली सरकार के खिलाफ चल रहे उग्र प्रदर्शन के बाद भारत की सीमा से सटे बिहार के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खासकर अररिया जिले के नेपाल से सटे क्षेत्रों में सतर्कता और निगरानी कड़ी कर दी गई है। नेपाल में प्रदर्शन तेज होने और सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में हिंसक घटनाओं के बाद बिहार के प्रशासन ने बॉर्डर सील कर अलर्ट जारी कर दिया है। सीमा पार से किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
अररिया जिले में बढ़ाई गई सुरक्षा
अररिया जिले की नेपाल से लगी लगभग 85 किलोमीटर लंबी खुली सीमा होने के कारण सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले के घुरना थाना, बसमतिया, फुलकाहा, जोगबनी, कुआड़ी और सिकटी थाना क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सीमा से नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति पर निगरानी रखी जा रही है। एसएसबी की 56वीं और 52वीं बटालियन की टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही नेपाल से आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है ताकि कोई अनहोनी न हो।
बिहार के सात जिलों का बॉर्डर सील
नेपाल में बिगड़ते हालात को देखते हुए बिहार के सात जिलों की सीमाएं पूरी तरह सील कर दी गई हैं। इनमें पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया, सुपौल, पूर्वी चंपारण और किशनगंज शामिल हैं। इन जिलों में सीमा पर सख्ती बढ़ा दी गई है ताकि नेपाल से कोई अवैध प्रवेश न हो। साथ ही स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और हर गतिविधि पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा बलों को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर तुरंत सूचना देने का आदेश दिया गया है।
नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन
नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित अन्य इलाकों में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। नेपाल सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रोक लगाई थी। इस फैसले का विरोध करते हुए युवाओं ने सड़कों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि नेपाल के गृहमंत्री रमेश लेखक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम ने नेपाल के साथ-साथ भारत में भी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
सोशल मीडिया पर लगी रोक वापस
प्रदर्शन और विरोध बढ़ने के बाद नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया पर लगाई गई रोक वापस ले ली है। फिर भी वहां की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सरकार का यह कदम लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाला माना गया। विरोध प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना था कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध से उनकी आवाज दबाई जा रही है। सरकार ने विरोध बढ़ता देख रोक हटाई, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता
नेपाल में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारत ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। विशेषकर बिहार की सीमा से लगे क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें। साथ ही सीमा पार से आने-जाने वालों की जांच में तेजी लाई गई है ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके। यह कदम भारत की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। नेपाल में हो रही हिंसा की घटनाओं से निपटने के लिए दोनों देशों की सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाना बेहद जरूरी है ताकि आम नागरिक सुरक्षित रह सकें। बिहार प्रशासन इस चुनौती से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।


