August 29, 2025

बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने पद से दिया इस्तीफा, राजीव शुक्ला बनाए गए कार्यवाहक अध्यक्ष

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में एक बड़ा बदलाव आया है। BCCI के वर्तमान अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बिन्नी के इस्तीफे का मुख्य कारण बीसीसीआई के नियम हैं, जिनके अनुसार 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति अध्यक्ष पद पर बने नहीं रह सकते। रोजर बिन्नी ने इस उम्र सीमा के कारण अपने पद को छोड़ना पड़ा। बिन्नी 70 वर्ष और 41 दिन के थे, इसलिए उन्हें पद त्यागना पड़ा। उनके इस्तीफे के बाद बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है, जो अगले चुनाव तक इस पद का काम संभालेंगे। राजीव शुक्ला ने हाल ही में BCCI की एपीक्स काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता भी की है, जिसमें मुख्य रूप से स्पॉन्सरशिप के मसले पर चर्चा हुई। इस समय BCCI के सामने एक बड़ी चुनौती भारतीय क्रिकेट टीम के लिए नए स्पॉन्सर को ढूंढना है। ड्रीम11, जो कि बीते कुछ वर्षों से टीम इंडिया का प्रमुख स्पॉन्सर रहा है, ने सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग के लिए बनाए गए नए कानून के कारण अपना करार समाप्त कर दिया है। ड्रीम11 और बीसीसीआई के बीच यह अनुबंध अब खत्म हो गया है। इस कारण से 9 सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप 2025 में टीम इंडिया बिना प्रमुख स्पॉन्सर के ही खेलने जा रही है। बीसीसीआई की कोशिश है कि अगले ढाई साल के लिए एक स्थायी नया प्रायोजक चुना जाए, लेकिन एशिया कप के समय तक नए स्पॉन्सर की घोषणा संभव नहीं दिख रही है। बोर्ड ने साफ किया है कि एशिया कप के लिए कोई अस्थायी या अलग स्पॉन्सर नियुक्त नहीं किया जाएगा।राजीव शुक्ला बीसीसीआई के लिए कई वर्षों से जुड़े रहे हैं। वे 2020 से बीसीसीआई के उपाध्यक्ष हैं और इससे पहले IPL के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। शुक्ला की कार्यवाहक अध्यक्षता तब तक जारी रहेगी जब तक बोर्ड का अगला अध्यक्ष चुनाव नहीं हो जाता। बीसीसीआई को सितंबर में अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) और चुनाव भी कराने हैं। हालांकि हाल ही में संसद से खेल प्रशासन कानून तो पास हो चुका है, लेकिन उसकी अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल बोर्ड सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकृत संविधान और लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुसार काम करेगा, जिसके अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु वाले अधिकारी पद पर नहीं रह सकते। इस तरह से BCCI ने एक नया अध्याय शुरू कर दिया है, जिसमें क्रिकेट प्रशासन में बदलाव और टीम के लिए नई स्पॉन्सरशिप पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राजीव शुक्ला के नेतृत्व में बोर्ड नए अध्यक्ष के चुनाव तक और लंबे समय के लिए मजबूत प्रायोजक पाने पर केंद्रित है। यह बदलाव भारतीय क्रिकेट की प्रबंधन व्यवस्था और वित्तीय मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस प्रक्रिया में नए प्रायोजकों के लिए विभिन्न बड़े व्यापारिक समूहों की दिलचस्पी भी सामने आ रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। एशिया कप जैसे मेगा टूर्नामेंट के समय स्पॉन्सरशिप को लेकर ये सूचनाएं बीसीसीआई के लिए बड़ी जिम्मेदारी का संकेत देती हैं। कुल मिलाकर, बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर बदलाव, नई स्पॉन्सरशिप खोज और आगामी चुनाव ये तीन अहम मुद्दे आने वाले दिनों में भारतीय क्रिकेट के लिए निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

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